अक्षय तृतीया पर विशेष
विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश)।
आंध्र प्रदेश के सिम्हाचलम स्थित श्री वराह लक्ष्मी नृसिंह स्वामी देवस्थानम में सोमवार (अक्षय तृतीया) पर प्रसिद्ध चंदनोत्सव मनाकर अनूठी सालाना परंपरा मनाई जाएगी। यहां भगवान नृसिंह पूरे वर्ष चंदन से ढंके रहते हैं। उनके वास्तविक स्वरूप के दर्शन अक्षय तृतीया के दिन ही संभव होते हैं।
ऐसी मान्यता है कि भगवान के उग्र स्वरूप को शांत रखने के लिए उन्हें चंदन का लेप लगाया जाता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 19 अप्रैल की शाम 6 बजे से दर्शन बंद कर दिए जाएंगे। तड़के 1 बजे सुप्रभात सेवा होगी। चंदनोत्सव और अन्य धार्मिक अनुष्ठान 1:30 बजे से 3 बजे तक होंगे। आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह 3:30 बजे से शुरू होंगे।
12 घंटे देंगे दर्शन: श्री वराह लक्ष्मी नृसिंह स्वामी मंदिर में भगवान त्रिभंगी मुद्रा में हैं। यानी मानव धड़ पर शेर का सिर है। मंदिर में 16 खंभों वाला नाट्यमंडप और 96 खंभों वाला कल्याणमंडप है। चंदन उत्सव के दौरान मूर्ति से चंदन का आवरण हटा दिया जाता है और भगवान 12 घंटों के लिए दर्शन देते हैं। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु भगवान की एक झलक पाने के लिए पहुंचते हैं।





