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दीपक कुमार ने ग्रहण किया अपर मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज का पदभार
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मीरजापुर।
दीपक कुमार ने बुधवार, 13 अगस्त 2025 को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक का कार्यभार ग्रहण किया। यह पद संजय सिंह के मध्य रेलवे स्थानान्तरण होने से रिक्त हुआ था। इसके पूर्व श्री दीपक कुमार मॉडर्न कोच फैक्ट्री, रायबरेली (उत्तर प्रदेश) में उप मुख्य सामग्री प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे।
श्री कुमार ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्राप्त की है। वे भारतीय रेलवे भंडार सेवा (IRSS) के 2006 बैच के अधिकारी हैं और प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद अपने करियर की शुरुआत सहायक मंडल सामग्री प्रबंधक, सोलापुर मंडल से की थी। इसके बाद उन्होंने मध्य रेलवे में वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, उप मुख्य सामग्री प्रबंधक के पदों का बखूबी निर्वहन किया है।
आपने मध्य रेलवे के पुणे मंडल में वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक पद पर सफलतापूर्वक कार्य करते हुए मंडल को वर्ष 2018 में महाप्रबंधक दक्षता शील्ड भी दिलाई। श्री कुमार ने वर्ष 2017 में जापान से हाई स्पीड ट्रेन की ट्रेनिंग भी प्राप्त की है

गुड्स ट्रैफिक के क्षेत्र में प्रयागराज मंडल की नई उपलब्धि पीपीजीसीएल प्लांट से फ्लाई ऐश की पहली रेक की हुई लोडिंग
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मीरजापुर।
प्रयागराज मंडल ने माल यातायात (गुड्स ट्रैफिक) के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। प्रयागराज मंडल के बारा क्षेत्र में स्थित प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (PPGCL) प्लांट से फ्लाई ऐश की पहली रेक की लोडिंग दिनांक 12.08.2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

यह रेक पीपीजीसीएल साइडिंग से लोड होकर मैरवा (MW) बिहार के लिए रवाना की गई। इस पहली रेक से रेलवे को कुल ₹19,07,753/- का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस उपलब्धि में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) श्री अतुल यादव, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) श्री आकांशु गोविल एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने बेहतर योजना, समन्वय और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए इस लोडिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया।

इस सफलता से न केवल मंडल के माल यातायात राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि भविष्य में पीपीजीसीएल प्लांट से फ्लाई ऐश के निरंतर परिवहन का मार्ग भी प्रशस्त होगा। यह कदम पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक है, क्योंकि फ्लाई ऐश का पुनः उपयोग निर्माण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में किया जा सकेगा।

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