नीरज अमरनाथ, लखनऊ।
हाल ही मे पूजा पाल ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला और सोशल मीडिया पर लिखा— “मुझे चुनाव की चिंता नहीं, बल्कि पति के हत्यारों को टिकट न मिलने की खुशी है।” उनके इस रुख ने यूपी की सियासत में नया समीकरण खड़ा कर दिया और भाजपा में उनके प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं।
सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन से हटकर भाजपा उम्मीदवार को वोट देने के बाद भी सपा ने उन पर तत्काल कार्रवाई नहीं की थी।
माना जा रहा था कि पीडीए राजनीति के कारण सपा सख्त कदम उठाने से बच रही थी। लेकिन विधान सभा में कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की खुलकर सराहना करने के बाद यह लगभग साफ हो गया कि पूजा पाल का राजनीतिक भविष्य भाजपा से जुड़ सकता है।
अब सपा से निष्कासन ने उनके लिए भाजपा की राह आसान कर दी है। चायल से विधायक बनीं पूजा पाल अब भाजपा खेमे में खड़ी दिख रही हैं और जल्द ही वह पार्टी ज्वॉइन कर सकती हैं।
बता दे कि सीएम योगी से मुलाकात करने के बाद विधायक पूजा पाल ने अपने जीवन से जुड़े कई खुलासे किए हैं। उन्होंने साफ किया कि राजू पाल की हत्या के बाद उनकी दूसरी शादी महज एक पारिवारिक फैसला नहीं था, बल्कि उनके खिलाफ रची गई एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश थी। पूजा पाल का कहना है कि इस साजिश में उनके अपने कुछ पारिवारिक रिश्तेदारों के साथ-साथ अतीक अहमद भी शामिल था। उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस पूरे षड्यंत्र का अहसास हुआ तो उन्होंने जांच-पड़ताल की। हर बात सच निकली। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में जाकर अपने विवाह से अलगाव की अर्जी दायर कर दी।



