विवेचना को त्रुटिपूर्ण बताकर हत्या प्रकरण की निष्पक्ष व गहन जांच कराने की की मांग
मीरजापुर।
कटरा कोतवाली के डंकीनगंज मुहल्ला अंतर्गत हरना की गली निवासी सुरेश चन्द्र ओझा पुत्र जयदेव ओझा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर हत्या के एक अत्यंत क्रूर मामले में पुलिस द्वारा की गई त्रुटिपूर्ण विवेचना के विरुद्ध प्रकरण की निष्पक्ष व गहन जांच कराए जाने की मांग की है।
पत्रक मे कहा है कि मेरे पुत्र की हत्या अत्यंत नृशंस एवं अमानवीय तरीके से की गई थी, परंतु संबंधित पुलिस थाने द्वारा की गई विवेचना न केवल त्रुटिपूर्ण, बल्कि उसमें भारी लापरवाही और जानबूझकर की गई चूके परिलक्षित हो रही हैं।
पत्रक मे आरोप लगाया है कि एक ही व्यक्ति को सहअभियुक्त व चश्मदीद दोनों बना दिया गया है, जिससे मुकदमा साक्ष्य रहित हो गया है। पीडित परिवार एवं अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान पुलिस द्वारा स्वयं तैयार किए गए, बिना स्वतंत्र जांच या समुचित पूछताछ के है। पिता सुरेश ने एसपी को अवगत कराया है किपोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से दर्ज है कि मृतक की छाती में गंभीर चोटें थी और पसलियाँ टूटी हुई थी, परंतु पुलिस ने इस पहलू पर कोई वैज्ञानिक या फॉरेंसिक जांच नहीं की और न ही किसी प्रकार की बरामदगी कराई।
घटना स्थल एक अत्यधिक घनी बस्ती वाला क्षेत्र था, जहाँ प्रत्यक्षदर्शी गवाहों की कमी नहीं थी, फिर भी पुलिस द्वारा फर्जी पात्रों के बयान दर्ज किए गए।
घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगा था, लेकिन पुलिस द्वारा न तो उसकी फुटेज को देखा गया और न ही जब्ती की गई, जिससे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पूरी तरह नष्ट हो गया।
पिता ने एसपी से मांग की हत्या के इस मामले में पुलिस द्वारा की गई त्रुटिपूर्ण विवेचना के विरुद्ध प्रकरण की निष्पक्ष व गहन जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाय। पुलिस की इस एकतरफा एवं लापरवाह विवेचना के कारण यह अत्यंत गंभीर व बर्बर हत्या का मामला तथाकथित नो एविडेंस केस बना दिया गया है, जो न्याय के साथ घोर अन्याय है।
पिता ने मांग किया है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पुनः जांच कराए जाने हेतु आवश्यक निर्देश जारी करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को उनके अपराध की उचित सजा मिल सके।



