लाहपरवाही पूर्वक चोट कारित करने के आरोपी को करायी गयी ₹ 1000/- के अर्थदण्ड की सजा
मीरजापुर। पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर चलाये जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत “पीयूष मोर्डिया” अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन में, “आर.पी.सिंह” पुलिस महानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर के नेतृत्व में “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मीरजापुर द्वारा जनपद में महिला सम्बन्धित अपराध सहित लूट,हत्या,डकैती,धर्म परिवर्तन,गोवध अधिनियम व अन्य जघन्य अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर लगातार गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन की सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करायी जा रही है।
उक्त अभियान के क्रम में थाना पड़री पर लाहपरवाही पूर्वक चोट कारित करने से सम्बन्धित पंजीकृत अभियोग में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही करायी गयी। अभियोजन अधिकारी-एपीओ अजय मिश्रा व आशीष जायसवाल, विवेचक-उपनिरीक्षक आर0डी0 सिंह, पैरोकार व कोर्ट मुहर्रिर-मुख्य आरक्षी श्यामबाबू व उपनिरीक्षक अरूण कुमार सिंह व मुख्य आरक्षी प्रज्ञा चतुर्वेदी द्वारा प्रभावी पैरवी की गयी । जिसके परिणाम स्वरूप मा0न्यायालय ए0सी0जे0 द्वारा थाना पड़री पर पंजीकृत मु0अ0सं056/2002 धारा 279,337,338,427 भादवि से सम्बंधित अभियुक्त सिद्धनाथ श्रीवास्तव पुत्र राजकिशोर लाला निवासी बटेरा खैराही राबट्सगंज जनपद सोनभद्र को जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर ₹ 1000/- के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी, अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में 03 दिवस के सा0कारावास की सजा भुगतनी होगी।
आर्म्स एक्ट के अभियोग से सम्बन्धित आरोपी को करायी ₹ 1000 के अर्थदण्ड की सजा
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर चलाये जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत “पीयूष मोर्डिया” अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन में, “आर.पी.सिंह” पुलिस महानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर के नेतृत्व में “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मीरजापुर द्वारा जनपद में महिला सम्बन्धित अपराध सहित लूट,हत्या,डकैती,धर्म परिवर्तन,गोवध अधिनियम व अन्य जघन्य अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर लगातार गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन की सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करायी जा रही है ।
उक्त अभियान के क्रम में थाना पड़री पर आर्म्स एक्ट से सम्बन्धित पंजीकृत अभियोग में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को मा0न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही करायी गयी । अभियोजन अधिकारी-एपीओ अजय मिश्रा व आशीष जायसवाल, विवेचक-उपनिरीक्षक श्यामनाराय़ण तिवारी, पैरोकार-आरक्षी श्यामबाबू व कोर्ट मुहर्रिर- उपनिरीक्षक अरूण कुमार सिंह व मुख्य आरक्षी प्रज्ञा चतुर्वेदी द्वारा प्रभावी पैरवी की गयी । जिसके परिणाम स्वरूप मा0न्यायालय ए0सी0जे0 द्वारा थाना पड़री पर पंजीकृत मु0अ0सं0-391/2004 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट से सम्बंधित अभियुक्त अमरनाथ कोल पुत्र छोटक कोल निवासी चेन्दुरी जनपद मीरजापुर को जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर जेल में बिताई गयी अवधि व ₹ 1000/- के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी, अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में 03 दिवस के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
चोरी व वन अधिनियम के आरोपी को करायी ₹ 2000-2000 के अर्थदण्ड की सजा
मीरजापुर।
पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर चलाये जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत “पीयूष मोर्डिया” अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन में, “आर.पी.सिंह” पुलिस महानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर के नेतृत्व में “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मीरजापुर द्वारा जनपद में महिला सम्बन्धित अपराध सहित लूट,हत्या,डकैती,धर्म परिवर्तन,गोवध अधिनियम व अन्य जघन्य अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर लगातार गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन की सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करायी जा रही है ।
उक्त अभियान के क्रम में थाना जमालपुर पर चोरी व वन अधिनियम से सम्बन्धित पंजीकृत अभियोग में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को मा0न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही करायी गयी । अभियोजन अधिकारी-एपीओ अजय मिश्रा,आशीष जायसवाल, विवेचक-उपनिरीक्षक रमेश्वर राय, पैरोकार-आरक्षी दिनेश व कोर्ट मुहर्रिर-उपनिरीक्षक अरूण कुंमार सिंह व मुख्य आरक्षी प्रज्ञा चतुर्वेदी द्वारा प्रभावी पैरवी की गयी । जिसके परिणाम स्वरूप न्यायालय ए0डी0जे0 03 द्वारा थाना जमालपुर पर पंजीकृत मु0अ0 सं0 -63/2000 धारा 379,411 भादवि व 5/26,45/92 वन अधिनियम से संबंधित अभियुक्तगण मन्नु सिंह पुत्र श्यामलाल सिंह निवासी वसीला थाना चन्दौली जनपद चन्दौली 2.रियाजुद्दीन पुत्र जलील 3. मुन्ना पुत्र हकीम निवासीगण शेरवा थाना जमालपुर जनपद मीरजापुर को जेल में बितायी गयी अवधि व एवं ₹ 2000-2000 के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी, अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में 05-05 दिवस के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी ।



