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मा विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति ने किया मिर्ज़ापुर पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ
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मीरजापुर।
नगर के चेतगंज बल्ली का अड्डा स्थित प्लेवे स्कूल में बुधवार, 3 सितंबर को मुख्य अतिथि कुलपति माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय प्रो. शोभा गौर द्वारा “पुस्तक महोत्सव -2025” का फीता काटकर उद्घाटन गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। साथ मे विशिष्ट अतिथि संस्थापक प्रमोदिनी फाउंडेशन विभूति मिश्रा, वरिष्ठ साधिका ब्रह्माकुमारी बिन्दु दीदी, निदेशक प्लेवे स्कूल जयश्री जैन एवं निदेशक बुकवाला मनीष गर्ग रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं सभी विशिष्ट अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। विद्यालय परिवार एवं आयोजकों ने मुख्य अतिथि प्रो. शोभा गौर तथा विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. शोभा गौर ने पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा— “हर बच्चे को पढ़ने की आदत से जोड़ना ज़रूरी है। वे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं और पुस्तकें उन्हें वही आकार दे सकती हैं, जो वे अपने जीवन में पाना चाहते हैं। यह पुस्तक मेला न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान है, बल्कि यह समाज में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने का एक सशक्त प्रयास है।”
विभूति मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा— “आज के समय में जब डिजिटल साधनों का प्रभुत्व बढ़ रहा है, तब पुस्तक मेले जैसे आयोजन हमें किताबों की ओर वापस ले जाते हैं। पुस्तकें ही असली मित्र हैं, जो हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़ी रहती हैं।”
बिन्दु दीदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा— “आध्यात्मिक दृष्टि से भी पुस्तकों का महत्व अमूल्य है। अच्छी पुस्तकें हमारे मन को शांति देती हैं, विचारों को सकारात्मक दिशा देती हैं और जीवन जीने का सही मार्ग दिखाती हैं। इस मेले से मिर्ज़ापुर की जनता को निश्चित ही आध्यात्मिक और मानसिक लाभ मिलेगा।”
श्रीमती जयश्री जैन ने कहा— “प्लेवे स्कूल को इस ऐतिहासिक आयोजन की मेज़बानी करने पर गर्व है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि बच्चों को जीवन के लिए तैयार करना है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों और अभिभावकों दोनों को प्रेरणा देंगे।”
मनीष गर्ग ने आयोजक की हैसियत से कहा— “मिर्ज़ापुर में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर पुस्तक महोत्सव आयोजित हुआ है। हमारा उद्देश्य है कि किताबों के प्रति बच्चों और युवाओं में रुचि पैदा हो और वे पढ़ने की आदत से जुड़ें। हम सभी मिर्ज़ापुरवासियों को आमंत्रित करते हैं कि वे बड़ी संख्या में आकर इस महोत्सव का हिस्सा बनें।” बताया कि प्रवेश निःशुल्क है एवं पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
मेले में इस बार वाणी प्रकाशन और राजकमल प्रकाशन की पुस्तकों की विशेष धूम रही। पाठकों ने विशेष रूप से कुरु कुरु स्वाहा (रज्जो रंजन), मुक्तिबोध रचनावली, निर्मल वर्मा की कहानियाँ, गीता प्रेस और भारतीय समाज (अखिलेश), प्रेमचंद की संपूर्ण कहानियाँ, गोदान, राग दरबारी (श्रीलाल शुक्ल), कालिख और कोयल (मन्नू भंडारी) जैसी लोकप्रिय किताबों में गहरी रुचि दिखाई। पुस्तक स्टॉल पर पूरे दिन भीड़ बनी रही और पाठकों ने बड़ी संख्या में पुस्तकों की खरीदारी की।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि प्रो. शोभा गौर ने आयोजकों को बधाई दी और मिर्ज़ापुर की जनता के लिए अपने आशीर्वचन दिए।

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