कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने दक्षिणी परिसर में विद्यार्थी सुविधाओं का किया निरीक्षण
· शैक्षणिक और शोध अवसंरचना का भी दौरा किया, बीएचयू के ज्ञान और प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रसार पर दिया ज़ोर
वाराणसी/मिर्जापुर। बरकछा, मिर्ज़ापुर, स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के अपने पहले दौरे के दूसरे दिन, कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विभिन्न छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी बातों को सुना। उन्होंने विंध्यवासिनी कन्या छात्रावास, नीलगिरि कन्या छात्रावास, हिमाद्री कन्या छात्रावास और विंध्याचल पुरुष छात्रावास का दौरा किया, जहाँ उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया।
भ्रमण के दौरान, सभी छात्रावासों के प्रशासनिक संरक्षकों व संरक्षकों ने कुलपति जी को परिसर में विद्यार्थी जीवन को समृद्ध बनाने के लिए की गई नई पहलों से अवगत कराया, जैसे कि गर्ल्स हॉस्टल परिसर में एक ओपन लाइब्रेरी, छात्राओं को पौधे उपहार देकर उनकी देखभाल की ज़िम्मेदारी देना, और एक ओपन-एयर जिम आदि। प्रो. चतुर्वेदी ने इन प्रयासों की सराहना की और इन्हें विद्यार्थियों में संस्थान के प्रति जुड़ाव की भावना को मज़बूत करने की दिशा में रचनात्मक और सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने हिमाद्री छात्रावास में दो समर्पित अतिथि कक्षों का भी उद्घाटन किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने भी कई विषयों को कुलपति जी के सामने रखा। इनमें विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों बस सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाना, दक्षिणी परिसर के भीतर आवागमन हेतु बेहतर व्यवस्था, एक समर्पित खेल कोच के साथ खेल सुविधाओं का उन्नयन और पुस्तकालय का समय बढ़ाना शामिल है। कुलपति जी ने कहा कि विद्यार्थी हित में विश्वविद्यालय इन मामलों के समाधान तलाशने पर विचार करेगा।
दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी, प्रो. वी. के. मिश्रा ने विद्यार्थियों की आवश्यकता को देखते हुए एक बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण की योजना के बारे में भी कुलपति जी को अवगत कराया। प्रो. चतुर्वेदी ने विद्यार्थी-केंद्रित पहलों के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के बीच निरंतर संवाद के महत्व को दोहराते हुए कुलपति जी ने कहा कि इससे समय पर ज़रूरी बिंदुओं की पहचान और समाधान करने में मदद मिलेगी।
कुलपति जी ने पशु चिकित्सा विज्ञान संकाय का भी दौरा किया, जहाँ संकाय प्रमुख प्रो. अमित राज गुप्ता ने उन्हें उपलब्धियों और चल रही शोध गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने भ्रूण स्थानांतरण के माध्यम से गंगातीकी व साहीवाल गाय के संरक्षण में संकाय के कार्य की सराहना की और कहा कि बीएचयू के ज्ञान और तकनीक का व्यापक प्रसार होना चाहिए, जिससे न केवल विश्वविद्यालय का गौरव बढ़े, बल्कि समाज और राष्ट्र को भी लाभ हो।
प्रो. चतुर्वेदी ने खेल परिसर, पुस्तकालय, सेंट्रल हिंदू स्कूल और अन्य बुनियादी ढाँचे का भी निरीक्षण किया। प्रो. वी. के. मिश्रा ने उन्हें परिसर में चल रही परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया और परिसर के विकास के प्रति कुलपति जी की प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त किया। कुलपति जी ने कहा कि एक समान लक्ष्य के लिए समर्पित बीएचयू सदस्यों के सामूहिक प्रयास विश्वविद्यालय को उज्ज्वल बनाने और शैक्षणिक एवं संस्थागत उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाएंगे।
इस दौरे के दौरान विश्वविद्यालय के वाराणसी परिसर के वरिष्ठ अधिकारी और दक्षिणी परिसर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।



