मिर्जापुर

जनता की विनम्रता, नर्स-स्टाफ की ममता, चिकित्सको की समता से ही मंडलीय अस्पताल बनेगा स्वास्थ्य सेवाओ का विषेश हब

0 अस्पताल चौकी स्थानांतरित कर ट्रामा सेंटर/ईम्रजेन्सी की ओर ले जाने की जरूरत

विमलेश अग्रहरि, मीरजापुर।  

       मा विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय की बेहतरी के लगातार प्रयास किये जा रहे है। इसके बावजूद यदा कदा लापरवाही, झगडा विवाद और चिकित्सको का छोडकर चले जाने का क्रम जारी है। आम पब्लिक या मरीजो के तीमारदार बेहतर सेवाओ का लाभ लेने की बजाय स्टाफ व चिकित्सको से कभी बाह चढाने लगे, तो कभी महिला स्टाफ से ऐसी अभद्रता हुई कि उन्हे प्राचार्य तक जाकर नयन नीर प्रदर्शित करने पडे। चिकित्सक भी जनता की समता के अभाव मे यहा इलाज करने की बजाय छोडकर चले जा रहे है।

अभी हाल ही मे यूरोलाजी के एक चिकित्सक यहा से चले गये। पूर्व मे कभी राजनीतिक तो कभी अन्य कारणो से यहा तैनात कई चिकित्सक बाहर चले गये, कुछ तो इस्तीफा देकर इसी शहर मे बसकर प्राइवेट सेवा मे जुट गये। ऐसी परिस्थितियो को समाप्त करने के लिए न केवल मेडिकल कालेज प्रशासन और मंडलीय अस्पताल के कार्मिक बल्कि मीरजापुर मंडल के आमजन को भी सोचना होगा कि आखिर जिस अनुशासन और व्यवस्था के साथ पडोस के बीएचयू और स्वरूप रानी मे इलाज मिलता है, उसके समकक्ष इलाज की सुविधा अपने जनपद मे भी मिल सकती है और इसके लिए न केवल प्राचार्य बल्कि जिले की केन्द्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल उनके पति कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नन्दी जी सहित जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह, विधायक गण रत्नाकर मिश्र, अनुराग सिंह, रिंकी कोल, रमाशंकर पटेल, चेयरमैन श्यामसुंदर केशरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण प्रदेश और केन्द्र सरकार के संबंधित आलाकमान से जनता के आवश्यकता अनुरूप मांग भी करते रहते है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा संजीव कुमार सिंह भी स्वास्थ्य सेवाओ का निरीक्षण कर आमजन से संवाद भी करते रहते है। 

 खास बात यह है कि यदि अनुशासन और समता ममता और विनम्रता का भाव बना रहेगा, तभी समुचित लाभ मिल पाएगा। या यू कहे कि  जनता की विनम्रता, नर्स-स्टाफ की ममता, चिकित्सको की समता से ही मंडलीय अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओ का विषेश हब बन सकेगा। खास बात यह कि पहले से अस्पताल चौकी नेशनल पैथोलॉजी के सामने संचालित है, लेकिन मेडिकल कालेज बनने के बाद महिला चिकित्सालय के सामने ट्रामा सेन्टर और ईम्रजेन्सी बन गया है। ऐसे मे चौकी सुनसान पड गयी है और भीड ट्रामा सेंटर मे रहती है। जहा पुलिस प्रशासन की उपस्थिति मे अक्सर बाह चढाते लोग पहुच जाते है, तो कभी कार्मिक संग अभद्रता के मामले आ जाते है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य चौकी स्थानांतरित करने के लिए एसएसपी सोमेन बर्मा से भी वस्तु स्थिति अवगत करा चुके है। एसएसपी ने इसके लिए आश्वस्त भी किया है। बाह चढाने की नौबत न आए इसके लिए यह भी जरूरी है कि चिकित्सकीय स्टाफ को भी चिकित्सक शब्द की परिभाषा अच्छी तरह से परिभाषित करनी होगी, क्योकि कुछ ही महीने पूर्व मंडल स्तर के प्रशासनिक अधिकारी के पत्नी की जान चिकित्सकीय लापरवाही के कारण चली जाने के आरोप लगे और यही नही यह मामला प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तक संज्ञान मे गया।

 बात दीगर है कि कार्रवाई की जो अपेक्षा की जा रही है, वह नही हो पाई। बहरहाल मंडलीय अस्पताल मे चौकी स्थानांतरित कर ट्रामा सेंटर/ईम्रजेन्सी की ओर ले जाने और इलाज के लिए आने वाले लोगो सहित तीमारदारो को विनम्रता, नर्स-स्टाफ की ममता, चिकित्सको की समता भाव अपनाने की जरूरत है। 

प्राचार्य ने 11 महीनो की उपलब्धियों की की चर्चा 

मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा संजीव कुमार सिंह ने 11 महीने की उपलब्धियों की चर्चा पत्रकार वार्ता के दौरान करते हुए बताया कि मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मंडलीय अस्पताल के कार्या को सुधारने के लिये उनके द्वारा जो कदम उठाये गये है, उसके परिणाम आने लगे है। बताया कि मेडिकल कालेज में बायोकेमेस्ट्री, फिजियोलाजी एवं कम्युनिटी मेडिसन विषयों में एमडी की पढ़ाई की स्वीकृति मिल गयी है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर इलाज में सुविधा होगी। उन्होंने रेडियालाजिस्ट की कमी और डाक्टरों की कमी से अल्ट्रासाउड का काम प्रभावित होना स्वीकार किया, लेकिन बताया कि बावजूद इसके प्रतिदिन 33 अल्ट्रासाउंड  हो पाते है और 300 एक्सरे होता है। पत्रकारवार्ता के दौरान सीएमएस डा० एके श्रीवास्तव, एमएस डा० सुनील कुमार सिंह, डा० प्रशांत त्रिपाठी, डा० पंकज पाण्डेय आदि रहे।

एमबीबीएस के साथ साथ मेडिकल कॉलेज को मिला एमडी -एमएस

      मा विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डा.) संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अब तक  मेडिकल कालेज मे एमबीबीएस के विद्यार्थी ही अध्ययनरत थे। आगामी सत्र से तीन विषय मे एमडी -एमएस मे प्रवेश होगा। बताया कि दो दिन पूर्व इसकी सूचना प्राप्त हुई है। अब यहा एमडी -एमएस बायो कैमिस्ट्री, फिजियोलाजी और कम्यूनिटी मेडिसिन विषय के दो दो छात्र अध्ययन करेंगे। उन्होने बताया कि मण्डलीय चिकित्सालय मे वर्तमान मे 55-60 प्रतिशत स्टाफ है। शेष की आवश्यकता है। शीघ्र ही 12 स्टाफ प्राप्त हो जाएंगे। जिनमे 6 सेलेक्शन से आ रहे है और 6 पदोन्नत होकर आ रहे है। इसमे असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर शामिल है। 

अपर आयुक्त की पत्नी की मौत मामले में प्राचार्य ने कहा शासन के आदेश का इंतजार 

    पत्रकारों के इस सवाल कि अपर आयुक्त विश्राम यादव के पत्नी की बीते 10 जुलाई को अचानक तबीयत खराब होने पर रात्रि में इलाज के लिये लायी गयी थी। आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही के वजह से उनकी मौत हो गयी थी। उनकी मौत को लेकर समाज के प्रबुध वर्गों ने कड़ा प्रतिवाद किया था। यह मामला अखबार के सुर्खियों में बना था कि पीसीएस स्तर के एक अधिकारी की पत्नी के साथ इजाज के दौरान जो लापरवाही बरती गयी थी। जब एक पीसीएस अधिकारी के साथ इलाज के दौरान ऐसी लापरवाही बरती गयी, तो आमजन के साथ किस ढंग का सलूक होता है। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इस पर जांच भी बैठायी। जांच के दौरान चिकित्सको और नर्स को दोषी पाया गया था। उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही करने का परिपत्र शासन स्तर पर जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक इससे संलिप्त किसी भी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की गयी है। इसके जवाब में कहाकि उन्हें कोई शासनादेश नही मिला है।  देखना है कि शासन इस पर कड़ा रूख अपनाती है अन्यथा अन्य जांचों की तरह इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

अब तक कराये गये ये कार्य/शुरू हुई सुविधाए

1. नर्सिंग कालेज व हॉस्टल का निर्माण कार्य-निर्माणाधीन ।

2. 24 x 7 इमरजेन्सी जाँच सेवा।

3. महिला अस्पताल की सुरक्षा में वेटिंग लाऊंज, रैम्प, दीवार व गेट का निर्माण।

4. रैन बसेरा, कोल्ड वेब/ हीट वेब-एपीडेमिक वार्ड का निर्माण।

5. रजिस्ट्रेशन काउण्टर का पुनरूद्धार व सनी रजिस्ट्रेशन काउण्टर पर रेलिंग का कार्य।

6. पुरूष व महिला यूरिनल का निर्माण कार्य।

7. आई०पी०एच०एल० लैब की स्थापना।

8. सैंपल कलेक्शन सन्टर का विस्तारीकरण।

9. आक्सीजन, नाइट्रस ऑक्साइड व सक्शन पाईप लाईन आब्स एण्ड गायनी, जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, इमरजेन्सी व ऑपरेशन थियेटर में।

10. Restructuring of emergency & Trauma Center, Triage area का विकास !

11. L.MU व Step Down यूनिट का निर्माण।

12. C.T Scan का संचालन ।

13. 33 सीटर बस :- एम०बी०बी०एस० छात्रों के पठन-पाठन हेतु।

14. भैरो प्रसाद जायसवाल अस्पताल का अधिग्रहण व चार विभागों का संचालन।

15. 500 किलो वॉट का सौर ऊर्जा पैनल की स्थापना।

16. दो लिफ्ट का पुनरूद्धार।

17. Eye Department में फेको इमल्सीफिकेशन मशीन / आपरेटिंग माइक्रोस्कोप की उपलब्धता।

18. आकस्मिक विभाग में सी-आर्म, ओ०टी० टेबल की व्यवस्था।

19. पोर्टेबल अल्ट्रासाउण्ड मशीन-1+2

20. Biochemical Analyzer :- Perimetry & Bronchoscope.

21. Faculty Recruitment :- 20 नये फैकल्टीज।

22. मेडिकल कालेज परिसर का समतलीकरण का कार्य प्रगति पर।

23. एम०बी०बी०एस० छात्रों के लिए मॉड्यूलर लैब की व्यवस्था।

24. रिसर्च फोरम की शुरूआत ।

25. अमृत फार्मेसी का उद्घाटन/शुभारम्भ।

26. रक्तकोष में एफरेसिस मशीन का उद्घाटन।

27. आर्थोपेक्सि विभाग की स्थापना व अन्य ओ०टी० का सुदृढ़ीकरण।

भविष्य में कराये जाने वाले प्रस्तावित कार्यो मे 7.5 एकड़ जमीन का हो सकता है अधिग्रहण

1. Multipurpose Hall

2. चार माड्यूलर ओ०टी० का निर्माण।

3. महिला अस्पताल 200 बेडेड नवीन चिकित्सालय का निर्माण कार्य।

4. एम०बी०बी०एस० छात्रों के लिए 300 क्षमता का छात्रावास का निर्माण कार्य।

5. सत्र 2026-27 में पी०जी० कोर्स हेतु आवेदन ।

6. 7.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण।

7. पी०पी०पी० मॉडल पर सी०टी० स्कैन मशीन की शीघ्र स्थापना।

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