0 सुरक्षा के दृष्टि से क्षेत्र के सभी घाटों पर पुलिस प्रशासन रही मौजूद
अहरौरा, मीरजापुर। छठ महापर्व के तीसरे दिन सोमवार को संध्या अर्घ्य यानी डूबते हुए सूर्य को दिया गया अर्घ्य। चार दिवसीय छठ महापर्व में तीसरा दिन सबसे खास होता है। इस दिन लोग अपने परिवार के साथ घाट पर जाते हैं और कमर तक पानी में खड़े होकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। मान्यता है कि जो लोग पूरी श्रद्धा के साथ छठ माता और सूर्य देव की पूजा-अर्चना करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं जल्द पूर्ण हो जाती हैं। इस दिन व्रती घाट पर आते हैं और डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
आज यानी 27 अक्टूबर दिन सोमवार को सूर्यास्त शाम 5 बजकर 40 मिनट पर समय और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस दिन व्रती महिलाएं, पूजन सामग्री को बांस की टोकरी में रखकर, अहरौरा क्षेत्र के पोखरा सहुवाईन, अहरौरा बांध, दुर्गा जी मंदिर, मदारपुर, जिगना, दोहरी सहित अन्य घाटों पर जल में प्रवेश करके सबसे पहले मन ही मन सूर्य देव और छठी मैया को प्रणाम करते हैं।इ सके बाद सूर्य देव और को अर्घ्य देते हैं। बहुत से भक्त सूर्य को अर्घ्य देते समय “एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते, अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर” मंत्र का उच्चारण करते हैं।
छठ पूजा के तीसरे दिन का यह है महत्व
छठ महापर्व का तीसरा दिन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है। यह छठ पूजा का सबसे प्रमुख दिन होता है। इस दिन शाम के समय लोग नए वस्त्र पहन कर परिवार के साथ घाट पर आते हैं और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। महिलाएं दूध और पानी से सूर्य भगवान को अर्घ्य देती हैं और संतान की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
छठ पूजा के चौथे यानि आखिरी दिन का महत्व
छठ पूजा के आखिर दिन मंगलवार की सुबह उगते सूरज को दूध का अर्घ्य देकर किया जाएगा समापन। इसी दौरान नगर पालिका अहरौरा के तरफ से घाट के चारों तरफ बैरिकेडिंग व महिलाओं के वस्त्र बदलने की व्यवस्था और लाइटिंग, पानी की व्यवस्था की गई।
नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी ने बताया कि अधिक पानी के वजह से गोताखोर और नाव से लोग चक्रमण कर रहे जिससे कोई अनहोनी न हो। इसी दौरान पूर्व नपाध्यक्ष गुलाब मौर्या ने 2100 गुब्बारे हवा में छोड़े। इस शुभ अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी, पूर्व पालिका अध्यक्ष गुलाब मौर्य, जेई विकास कुमार, जेई दीपक यादव, सभासद आनंद कुमार, प्रमोद मौर्य, अशोक मौर्य, आशिष अग्रहरि, संजय पटेल के साथ रिंकू सोनकर, सिद्धार्थ अग्रहरि सहित अन्य लोग रहे। सुरक्षा के दृष्टि से नक्सल सीओ मड़िहान मुनेंद्र पाल सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह व नगर चौकी प्रभारी आशीष सिंह मय पुलिस पीएसी के साथ कानूनगो, क्षेत्रीय लेखपाल शेषमणि मौजूद रहे।



