चुनार, मीरजापुर। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से सप्तमी तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व का शुभारंभ शनिवार को नहाय खाय से शुरू हुआ। ब्रत धारण करने वाली महिलाओं ने दूसरे दिन रविवारकी शाम को गंगा घाट पहुँच कर पूजा के लिए वेदी का निर्माण कर वापस आयी और सोमवार की शाम गाजे बाजे के साथ छठी मइया की गीत काचे बांस क बहंगीआ, बहंगीआ लचकत जाय गाते हुए बालू घाट, टेकौर , बहरामगंज, टम्मलगंज, रामघाट आदि घाटो पर पर बने बेदी स्थल पर पहुँच कर पतीत पावनी माँ गंगा के जल मे खडी होकर अस्त होते भगवान् भास्कर को अर्ध्य देकर पुत्र के दिर्घायु होने व किसी ने पुत्र प्राप्ति की कामना की।तत्पश्चात जलते हुए दीप को लेकर घर को वापस हुई।
घाटो की साफ सफाई, पर्याप्त प्रकाश की ब्यवस्था, गहरे पानी मे जाने से रोकने के वैरिकेटिंग , महिलाओं को स्नान के बाद वस्त्र बदलने के लिए टेंट की ब्यवस्था नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मंसूर अहमद व अधिशासी अधिकारी विजय कुमार यादव के निर्देशन में पालिका कर्मचारी गौरव पाण्डेय के देख रेख मे किया गया।शान्ति व सुरक्षा के मद्देनजर सीओ मंजरी राव व कोतवाल विजयशंकर सिंह के निगरानी में पुलिस प्रशासन की ब्यवस्था चाक चौ बन्द रही।



