News

महाविद्यालयों के धीमी गति के कारण विद्यार्थियों को उठाना पड़ सकता है नुकसान; समर्थ’ पोर्टल पर डाटा अपलोड की धीमी गति से विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया बाधित

मीरजापुर।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों का विवरण ‘समर्थ पोर्टल’ पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मीरजापुर से संबद्ध महाविद्यालयों के धीमी गति के कारण विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कई बार तिथि विस्तारित किए जाने के बाद भी आज तक सभी विद्यार्थियों का पंजीकरण एवं प्रवेश नहीं हो सका है। महाविद्यालयों के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश की तिथि को 12 बार विस्तारित किया है, किन्तु कुछ महाविद्यालयों द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा समर्थ पर प्रवेश की अंतिम तिथि 10 नवम्बर तक विस्तारित किया है।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक सभी विद्यार्थियों का डेटा ‘समर्थ’ पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया तो संबंधित विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित रहना पड़ सकता है l
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया की धीमी गति को न केवल छात्रहितों के प्रतिकूल, बल्कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक उत्तरदायित्व के दृष्टिकोण से भी अत्यंत गंभीर मामला बताया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि 10 नवम्बर के बाद कोई भी प्रवेश मान्य नहीं होगा।

कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने कहा है कि यह लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य और सत्र नियमन दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने सभी महाविद्यालयों को निर्देशित किया कि वे छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्रता और पूर्ण जिम्मेदारी के साथ शेष विद्यार्थियों का डेटा अपलोड सुनिश्चित करें।

विश्वविद्यालय प्रशासन इस प्रक्रिया की सतत निगरानी कर रहा है ताकि आगामी सत्र सुचारु रूप से प्रारंभ हो सके।

Banner VindhyNews
error: Right Click Not Allowed-Content is protected !!