मीरजापुर।
रेलवे सुरक्षा बल ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में पाए जाने वाले असुरक्षित या संकटग्रस्त बच्चों को बचाने का सतत प्रयास करता है। यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि उन हजारों बच्चों के लिए जीवन रेखा है जो किसी कारणवश घर से भटक जाते हैं या सहायता की आवश्यकता में होते हैं। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ बाल सुरक्षा एवं संरक्षण की दिशा में रेलवे सुरक्षा बल की एक संवेदनशील पहल है, जिसके माध्यम से बाल श्रम, तस्करी एवं लापता बच्चों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
दिनांक 12 नवम्बर 2025 को रेलवे सुरक्षा बल/मिर्जापुर के सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार टीम के साथ गश्त कर रहे थे , इस दौरान द्वितीय गेट , के पास एक लड़की गुमसुम अवस्था में पाई गई। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह घर से डांट खाकर भाग आई है। पूछने पर उसने अपना नाम उम्र लगभग 17 वर्ष, निवासी , थाना हलिया, जनपद मिर्जापुर (उ.प्र.) बताया।
उक्त लड़की को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट मिर्जापुर पर लाया गया, जहाँ आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण की गईं। तत्पश्चात “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत सहायक उप निरीक्षक अशोक कुमार द्वारा उक्त नाबालिग लड़की को रेलवे चाइल्डलाइन हेल्प डेस्क मिर्जापुर के स्टाफ को सुपुर्दगीनामा के माध्यम से विधिवत सुपुर्द किया गया।
रेलवे प्रशासन यात्रियों एवं आमजन से अपील करता है कि किसी भी आपात स्थिति या बाल संरक्षण से संबंधित सूचना मिलने पर तत्काल रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें।



