ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते: स्टेशन पर मिले नाबालिग को चाइल्डलाइन को किया सुपुर्द
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मीरजापुर।
रेलवे सुरक्षा बल ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में पाए जाने वाले असुरक्षित या संकटग्रस्त बच्चों को बचाने का सतत प्रयास करता है। यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि उन हजारों बच्चों के लिए जीवन रेखा है जो किसी कारणवश घर से भटक जाते हैं या सहायता की आवश्यकता में होते हैं। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ बाल सुरक्षा एवं संरक्षण की दिशा में रेलवे सुरक्षा बल की एक संवेदनशील पहल है, जिसके माध्यम से बाल श्रम, तस्करी एवं लापता बच्चों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है ।
रेलवे सुरक्षा बल मिर्जापुर ने “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के अंतर्गत एक नाबालिग बालक को सुरक्षित रूप से बचाकर चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर को सुपुर्द किया। रविवार, 23 नवंबर को रेलवे हेल्पलाइन 139 से सूचना प्राप्त हुई कि गाड़ी संख्या 03213 (हड़पसर स्पेशल फेयर पूजा स्पेशल) में एक बच्चा बिना टिकट यात्रा करते हुए यात्रियों द्वारा रोका गया है। सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल/मिर्जापुर के सहायक उपनिरीक्षक नरेन्द्र दूबे अपनी टीम के साथ मिर्जापुर स्टेशन पर ट्रेन के आगमन पर पहुंचे और बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
पूछने पर बालक ने अपना नाम शुभम कुमार, उम्र 16 वर्ष, निवासी—कागजी महल्ला, दानापुर कैंट, जिला पटना (बिहार) बताया। उसने बताया कि वह घर से नाराज़ होकर भाग आया था और रास्ते में कुछ यात्रियों ने उसे चोर समझकर मारपीट भी की। प्रथम दृष्टया उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिसके बाद रेलवे सुरक्षा बल द्वारा उसे जिला अस्पताल मिर्जापुर में चिकित्सकीय परीक्षण हेतु भेजा गया। बाद में बालक के पिता को सूचना दी गई और मामले की जानकारी चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर को भी प्रदान की गई। चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम के आगमन पर चिकित्सा रिपोर्ट सहित बच्चे को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया।
रेलवे प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि किसी भी नाबालिग बच्चे को असुरक्षित अवस्था में देखें तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दें। आपकी एक सूचना किसी बच्चे का जीवन बदल सकती है।



