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राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार वाहन को जिला जज ने दिखाई हरी झंडी; कहा- 

मीरजापुर। जनपद न्यायाधीश श्री अरविन्द कुमार मिश्रा ।। एवं अपर जिला जज प्रथम / नोडल अधिकारी (रा०लो०अ०) सन्तोष कुमार गौतम, विशेष न्यायाधीश ई०सी० एक्ट आसिफ इकबाल रिजवी, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर श्रीमती गरिमा सिंह, इंडियन बैंक के मुख्य प्रबन्धक जगदीप आजाद बैंक वरिष्ठ अधिवक्ता बद्री विशाल ने संयुक्त रूप से 13 दिसम्बर 2025 दिन शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक लोन मामलों / वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों तथा न्यायालय के मुकदमों के निस्तारण से सम्बन्धित होने वाले लाभ की जानकारी आम जनमानस को देने के सम्बन्ध में दीवानी न्यायालय परिसर मीरजापुर से प्रचार वाहन को हरी झड़ी दिखाकर रवाना किये।

जनपद न्यायाधीश अरविन्द कुमार मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मीरजापुर के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय परिसर मीरजापुर, वाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान एवं राजस्व विभाग से सम्बन्धित अपर जिलाधिकारी (वि०रा०), अपर जिलाधिकारी (भू.रा.), नगर पालिका परिषद, चकबन्दी विभाग, वन विभाग, एवं समस्त राजस्व के न्यायालयों में 08 मार्च 2025 दिन शनिवार को समय पूर्वान्ह 10.00 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।

 लोक अदालत में सुलह योग्य मुकदमों एवं वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों को अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण कराने का प्रयास किया जायेगा। साथ ही उन्होने बताया गया कि ई-चालान एवं लघु आपराधिक मुकदमों के निस्तारण हेतु प्रावधानित सरल पेटी अफ़ेंस डिपाजिट योजना के तहत वादकारी धारा-206 सपठित धारा 253 द०प्र०सं. के अन्तर्गत अपने चालान का जुर्माना सरल पेटी अफेंस डिपाजिट खाता सं० 34906170085 भारतीय स्टेट बैंक डंकीनगंज मीरजापुर में स्वंय उपस्थित होकर अथवा ऑन लाईन जमा कर सकते है और प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवादों में पति पत्नी के विवाद के निस्तारण हुए जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित/पीड़िता आवेदक द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया जायेगा और परिवार न्यायाधीश एवं मध्यस्थगण द्वारा पक्षकारो को बुलाकर, समझौता के माध्यम से मुकदमें का समाधान कराया जायेगा, लोक अदालत में पारित निर्णय अन्तिम होता है एवं इस निणर्य की अपील अन्य न्यायालय में नहीं होती है। उन्होने यह भी बताया कि पिछले लोक अदालत में कुल 55686 मुकदमों का निस्तारण किया गया था और इस प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 46000 मुकदमों को निस्तारण कराने के लिए चिन्हित किया गया है।
    अपर जिला जज/नोडल अधिकारी सन्तोष कुमार गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी न्यायालय, सभी तहसीलदार न्यायालय, चकबन्दी अधिकारी के न्यायालय, श्रम आयुक्त विभाग, नगर पालिका विभाग, विद्युत विभाग एवं समस्त बैंकों के ऋण बकायेदारों के प्री-लिटिगेशन सुलह योग्य मामलों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में निस्तारण करने के लिए उन्हे निर्देशित किया गया है। वादकारी व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क स्थापित करके अपनी समस्याओं का निदान करा सकते है।

 डीएलएसए प्रभारी सचिव / श्रीमती गरिमा सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में समस्त प्रकार के शमनीय आपराधिक मामलें, चेक बाउंस से सम्बन्धित धारा-138 एन.आई. एक्ट वाद एवं बैंक रिकवरी वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बिजली से सम्बन्धित शमनीय दण्ड वाद, राजस्व वाद, सिविल वाद, तथा आर्बीट्रेशन निषपादन से सम्बन्धित वादो का निस्तारण किए जायेगें साथ ही उन्होने यह भी बताया कि समस्त जनमानस तथा समस्त अधिवक्ता बन्धुओं एवं वादकारियों से अपील है कि राष्ट्रीय लोक अदालत तथा विशेष लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने-अपने मुकदमो, चालानों एवं पति-पत्नी के वैवाहिक विवादों से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन मामलों को शीघ्र से शीघ्र निस्तारण करायें और राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाते हुए इस महा अभियान का लाभ उठाएं।

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