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एसआईआर के सम्बन्ध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने महाविद्यालयों के प्राचार्यो संग बैठक कर की समीक्षा

मीरजापुर। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार सिंह ने अर्हता तिथि 01.01.2025 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के सम्बन्ध में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, एन.सी.सी./एन.एस.एस. के रोवर्स रेंजर के साथ बैठक की गयी, जिसमें सौरभ सिंह ज्ञानन्दा एकेडमी आफ हायर एजुकेशन, प्रीति जायसवाल असि0 प्रो0 विन्ध्यवासिनी महाविद्यायल, राम मोहन अस्थाना कमला आर्यकन्या पीजी. कालेज, कुलदीप असि0प्रो0, मकरन्द जायसवाल असि0प्रो0 रोवर्स रेंजर एवं नेहा पटेल असि0प्रो0 के.बी.पी.जी. कालेज द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दृष्टिगत 27 अक्टूबर, 2025 तक निर्वाचक नामावली में पंजीकृत प्रत्येक निर्वाचकों को गणना प्रपत्र दिया गया है, जिसे मतदाताओं द्वारा भरकर दिनांक 04 दिसम्बर, 2025 से पहले पूर्ण रूप से भरकर अपने बूथ के बी.एल.ओ. को उपलब्ध कराया जाना है।

गणना प्रपत्र में निर्वाचकों को स्वयं का अथवा उनके रिश्तेदारों के नाम से अंतिम विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2003 की मतदाता सूची से मिलान कर उसका विवरण गणना प्रपत्र में भरना होगा। वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण अपने से सम्बन्धित बी.एल.ओ./ई.आर.ओ. द्वारा विभिन्न स्थानों पर बनाये गये हेल्प डेस्क/आयोग की वेबसाइट से देखा जा सकता है। जिन मतदाताओं का गणना प्रपत्र भरा गया है एवं बी0एल0ओ0 द्वारा सत्यापित किया गया है उन्हीं का नाम दिनांक 09 दिसम्बर, 2025 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में सम्मिलित होगा एवं मृतक/शिफ्टैड/डुप्लीकेट आदि श्रेणी के हैं, उनका नाम इस सूची में प्रकाशित नहीं होगा, उनकी सूची अलग से प्रकाशित की जायेगी।
जिन व्यक्तियों का नाम 9 दिसम्बर, 2025 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नहीं होगा, ऐसे व्यक्ति दिनांक 09 दिसम्बर, 2025 से 08 जनवरी, 2026 के मध्य दावा/आपत्ति उपलब्ध करा सकते हैं। 

यदि किसी मतदाता को अपना भाग संख्या/क्रम संख्या नहीं पता है, वे वोटर हेल्पलाईन ऐप पर अपना मतदाता पहचान पत्र संख्या/ईपिक नम्बर के माध्यम से अपने भाग संख्या/क्रम संख्या की जांच कर सकता है। इस सम्बन्ध में ई.आर.ओ. द्वारा स्थापित किये गये हेल्प डेस्क से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बैठक में उपस्थित एनसीसी/एनएसएस के क्वार्डिनेटर्स एवं विभिन्न महाविद्यालय के प्राचार्य से अपेक्षा की गयी कि अधिक से अधिक मतदेय स्थलों पर अपने विभाग के कार्मिकों को बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बतौर स्वयंसेवक (Volunteers) के रूप में उनकी सहायता हेतु तैनाती करायें।

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