News

मीरजापुर नगर के शुक्लाहा बस्ती के भोला गार्डन के मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन; भारत जिसकी माता है, वही हमारा भ्राता है: वरिष्ठ अधिवक्ता तिलकधारी

० हवन पूजन, हनुमान चालिसा और भारत माता की हुई भव्य आरती
मीरजापुर।
सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में नगर के शुक्लाहा बस्ती के अनगढ रोड स्थित भोला गार्डन के मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन रविवार 14 दिसंबर को सायंकाल संपन्न हुआ।
हिंदू सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक वरिष्ठ अधिवक्ता तिलकधारी ने कहाकि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से भारत में दो विचारधारा के लोग हैं। एक वह, जो भारत और भारत मां का सम्मान करते हैं और दूसरे वह, जो भारत को केवल जमीन का एक टुकड़ा समझते हैं। जो इस देश को और देश की मिट्टी को मा मानता है वह इस राष्ट्र के लिए बलिदान देता है और इस देश मे वही नागरिकति के साथ रहने के योग्य है।

दूसरी तरफ वह भी है जो विदेशियों के सह पर देश के अंदर जो देश को तोड़ने का प्लान करते रहते हैं। जेएनयू जैसे संस्थान में एक छात्र पर भारत सरकार ₹12 लाख व्यय करती है, उसी जेएनयू में भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाल्लाह, तो वही याकूब हम शर्मिंदा है, तेरे कातिल जिंदा है जैसे बयान भारत को तोड़ने का साजिश बयान करते हैं। देश के अंदर पनप रहे विधर्मी जो भारत को तोड़ना चाहते हैं उनके साथ है और जो देश को जोड़ना चाहते हैं उनके विरोध में साजिश रचने का काम करते हैं। हमे इसका ध्यान रखना होगा। ऐसे विधर्मियो को पुष्पवित करने वाले सबसे बडी अदालत मे गिने चुने अधिवक्ता भी है, जो ऐसी विधर्मी ताकतों के लिए लड़ते हैं और बयान बाजी भी करते हैं, मैं उनको बता देना चाहता हूं कि भारत कोई धर्मशाला नहीं, बल्कि भारत भारत माता के के प्रति श्रद्धा समर्पण और इस देश की मिट्टी के प्रति नमन का भाव रखने वालों का माथे का तिलक है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब पूरे देश में या उद्घोष कर चुका है कि भारत जिसकी माता है वही हमारा भ्राता है।

विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने कहाकि भारतीय महिलाएं प्राचीन काल से पंच परिवर्तन की केंद्र बिंदु रही है। समाज में समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण और नागरिक कर्तव्य जैसे बिंदु उनके नित्य दिनचर्या में रही है। आज आवश्यकता है कि हम उसे संस्कृति और सभ्यता का अनुसरण करते हुए पांच परिवर्तन में अपना सहयोग करे।

अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवधारी जी महाराज ने कहाकि हिंदू सनातन है और इसका कोई अंत नहीं है। हमारे देवी देवता के एक हाथ में शास्त्र, तो दूसरे हाथ में शस्त्र होता है। हिंदू समाज ने सरेंडर करने वाले व्यक्तियों की बड़ी से बड़ी गलती माफ की है, लेकिन जिसने भी संस्कृति, सभ्यता और सनातन के साथ कुत्सित मानसिकता रखा है, उनके लिए समय समय पर शास्त्र भी उठाए हैं। उन्होंने कहाकि ज्ञाति का बिगड़ा रूप जाति हो गया है, हिंदू समाज में कोई जाति नहीं है, ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र का भाव केवल कार्य के अनुरूप हुआ है। सभी हिंदू सहोदर भाई हैं और एक सूत्र में बंधकर हिंदू समाज को आगे ले जाने की आवश्यकता है।

इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री परिवार के द्वारा हवन के साथ किया गया। तत्पश्चात हिंदू समाज ने सामूहिक रूप से हनुमान चालिसा का पाठ किया। तद्उपरांत भारत माता के चित्र के समक्ष मंचासीन अतिथिगण मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता तिलकधारी, विशिष्ट अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात, शिवधारी जी महाराज, स्वास्थ्य विभाग के पूर्व प्रतिरक्षण अधिकारी जटाधारी ऊर्फ जेडी सोनकर एवं कार्यक्रम संयोजक शासकीय अधिवक्ता शिव प्रसादसिंह ने दीप प्रज्वलन करके किया।

उद्बोधन के उपरांत कार्यक्रम संयोजक शासकीय अधिवक्ता शिव प्रसादसिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और भारत माता की भव्य आरती के साथ हिंदू सम्मेलन का समापन हुआ। संचालन एडवोकेट पवन कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर वीरेंद्र कुमार मौर्य, इंद्रजीत शुक्ला, प्रभात जी, संतोष कुमार मिश्रा, नगर प्रचारक अंजनी, विमलेश अग्रहरि, अनिल कुमार अग्रहरी, बस्ती प्रमुख भरत लाल बिन्द, नीलू अग्रहरि, सभासद हुकुमचंद मौर्य, सभासद अलंकार जायसवाल, पूर्व नगर अध्यक्ष मनीष गुप्ता, राममिलन, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, अजय कुमार प्रेमी, सुभाष चंद्र, बृजेश दूबे, बृजेश सिंह, सभासद विजय प्रजापति, दयाल प्रजापति, राजेश मोदनवाल आदि रहे।

Banner VindhyNews
error: Right Click Not Allowed-Content is protected !!