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स्मृतिशेष विभाग संघचालक को संघ एवं विचार परिवार ने दी श्रद्धांजलि
मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विन्ध्याचल विभाग के संघचालक स्मृतिशेष एडवोकेट तिलकधारी जी के स्मृति मे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन अनगढ स्थित केशव धाम संघ कार्यालय पर किया गया। प्रान्त प्रचारक रमेश जी, प्रान्त शारीरिक प्रमुख संतोस, जिला संघचालक शरद चंद्र उपाध्याय, विभाग संपर्क प्रमुख केशव नाथ तिवारी, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी सहित संघ एवं विचार परिवार के लोगो ने उनके चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर श्रद्धांजलि दी और उनहे संबंधित विभिन्न संस्मरणो को साझा किया।

प्रान्त प्रचारक रमेश जी ने कहा कि मातृमंदिर के लिए समर्पित रहे. विद्यारःथी जीवन से आजन्म कार्य किया और तेरा वैभव चार रहे मा हम दिन चार रहे न रहे को चरितार्थ कर दिया। उनके कृतित्व को अनुकरणीय बनाना चाहिए। प्रान्त शारिरिक शिक्षण प्रमुख संतोष जी ने कहाकि जब यहा विभाग प्रचारक होकर आया था तो वे कचहरी से लौटकर बैठते थे। दो साल ऐसा लगा कि कोई अभिभावक छोटी छोटी बात पर ध्यान आकृष्ट कराते थे, उनके कहने पर मे एक दिन विंध्याचल रूकता था। संघ के शानदार व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे।

विभाग प्रचारक कौशल किशोर जी ने कहा एक बार उन्होने बुलाया था, दूसरी बार मै स्वत: गया। विभाग की बैठक मे वन विहार का खंडश: कार्यक्रम करने को कहा, संपन्न होने पर कहा जोरदार रहा। कुशाग्र, सहज, सरल, समय पालन, सूचना और अनुशासन पालक मानचित्र परिचय मे प्रवीण थे. एवं अभिभावक की तरह मार्गदर्शक रहे. मृत्यु से दो दिन पूर्व उनके आवास पर भोजन भी हुआ।

 जिला संघचालक शरद चंद्र उपाध्याय ने कहा कि उनके आदर्शो पर चले। वरिष्ठ अधिवक्ता नारायण जी उपाध्याय ने कहा कि सिविल के अच्छे अधिवक्ताओ मे शुमार रहे तिलक जी ने संघ कार्य के साथ साथ पैसे से कमजोर लोगो को भी न्याय दिलाने का कार्य करते थे। नगर संघचालक अशोक सोनी ने कहाकि दैवीय गुण वाले व्यक्ति थे, अहं और क्रोध से मुक्त रहे, समभाव रहे। उनका कृतित्व व्यक्तिगत को जीवन मे उतारे यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राम मिलन जी ने शिशु मंदिर के मुकदमे और उसके विजय का संस्मरण सुनाया।

 विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहाकि सामान्य परिवार के तिलकधारी जी संघ कार्य को आजन्म समय दिया और निर्विवाद रहे और परिवार मे भी संपत्ति को लेकर त्याग भी किये। नपाध्यक्ष श्याम सुन्दर केशरी ने कहाकि उनका बौद्धिक अद्वितीय होता था। इन्द्रजीत शुक्ला ने कहाकि जटाधारी, विभाग धर्म जागरण संयोजक वीरेन्द्र मौर्य ने कहाकि कुछ न करने से अच्छा करना होता है।

 जिला कार्यवाह प्रविंद्र जी ने कहाकि उनका हर शब्द अंतर्मन को झंकृत और हिंदू समाज के लिए उत्प्रेरणा का कार्य करता था। गुंजन जी ने आखिरी बौद्धिक लगाते समय कहा था अब तो हमे बख्श दीजिए, लेकिन फिर भी मृत्यु से तीन दिन पूर्व जोरदार वक्तव्य दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेश चंद्र पाण्डेय ने कहाकि अधिवक्ता होने के बावजूद मोविक्कलो से धन लेने की बजाय अपने अधिवक्ता पेशे को महत्व दिये।

 इस अवसर पर विभाग प्रचारक कौशल, विभाग संपर्क प्रमुख केशव तिवारी जी, सह विभाग संपर्क प्रमुख चंद्रमोहन, कवि सिंह, जिला प्रचारक रजत प्रताप, सह जिला कार्यवाह नीरज द्विवेदी, कृष्ण कुमार सिंह, नगर संघचालक अशोक सोनी, सह नगर कार्श्रवा रितेश, बौद्धिक शिक्षण प्रमूख विमलेश अग्रहरि, वीरेंद्र मौर्या, इन्द्रजीत शुक्ला, राजकुमार, गुंजन, लखन, विवेक बरनवाल, नितिन विश्वकर्मा, रामकुमार विश्वकर्मा, एडवोकेट अखिलेश अग्हरि, रामकृष्ण, आदि रहे। संचालन नगर कार्यवाह लखन अग्रवाल ने किया। 

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