0 मूल ध्येय हिंदुओं पर आने वाले संकटों का स्थायी समाधान ही हमारा उद्देश्य: मिलिंद परांडे
मिर्जापुर। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा है कि संगठन की स्थापना केवल राम मंदिर आंदोलन के लिए नहीं, बल्कि हिंदू समाज पर उत्पन्न होने वाले सभी प्रकार के संकटों पर अंकुश लगाकर उन्हें समाप्त करने के लिए हुई है। शुक्रवार को सिटी क्लब मिर्जापुर में आयोजित विंध्याचल विभाग की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ रक्षा, मतांतरण पर रोक और हिंदू कन्याओं की सुरक्षा संगठन के तीन मुख्य आधार स्तंभ हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और राम जानकी दरबार के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अध्यक्षता जगजीत डंग एवं संचालन प्रान्त सत्संग प्रमुख महेश ने किया।
मुख्य वक्ता श्री परांडे ने मंदिरों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मंदिरों के माध्यम से सेवा, जनसुविधा, पंचांग और अन्नदान जैसे कार्यों को बढ़ावा मिलना चाहिए। उन्होंने पुजारियों के प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि आरती के पश्चात पुजारियों द्वारा प्रबोधन देने की व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने मंदिर में कछुए की उपस्थिति के आध्यात्मिक अर्थ को समझाते हुए कहाकि यह इंद्रिय संयम का प्रतीक है और समाज को भी इसी प्रकार धर्म के आचरण पर ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से उन्होंने उल्लेख किया कि विहिप महिला पुजारियों के प्रशिक्षण का कार्य भी कर रही है, जिसे शास्त्र सम्मत माना गया है।
मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सामाजिक दायित्वों पर चर्चा करते हुए संगठन महामंत्री ने कहाकि महिलाओं को एनीमिया, कुपोषण और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान में लगभग चालीस प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। रोजगार के मोर्चे पर संगठन की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने बताया कि विहिप ने इस वर्ष चौदह हजार और पिछले वर्ष ग्यारह हजार लोगों को रोजगार से जोड़ा है।
उन्होंने धर्मांतरण प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और जिहादी हिंसा की रोकथाम के लिए स्वयं की सिद्धता और तैयारी पर ध्यान देने का निर्देश दिया। संगठन की वैश्विक और राष्ट्रीय सक्रियता का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में विहिप का कार्य 30 देशों और देश के 40,000 गांवों में फैला हुआ है।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 21 हजार लोगों की घर वापसी कराई गई है, 1100 कन्याओं की रक्षा की गई और 2.02 लाख से अधिक गौवंश को बचाया गया है। देशभर में संगठन के छह हजार से ज्यादा सेवा प्रकल्प और 28 हजार सत्संग चल रहे हैं, जिनसे 72 लाख हितचिंतक जुड़े हैं।
उन्होंने बजरंग दल को विद्यार्थियों के बीच सक्रिय होने और समाज को गौवंश के आर्थिक महत्व के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इस दौरान प्रांत संगठन मंत्री नितिन, प्रांत उपाध्यक्ष विद्याभूषण, विभाग पालक सुरेश अग्रवाल, सत्संग प्रमुख महेश, विभाग मंत्री रामचंद्र शुक्ला, विभाग संयोजक प्रवीण, जिला उपाध्यक्ष हरिशंकर मिश्रा, जिला मंत्री कृष्ण, जिला सहमंत्री अभय व विनय, चुनार से जिलाध्यक्ष दिनेश प्रकाश, अरविंद कुमार सारस्वत, जिला मंत्री कृष्ण गोपाल, अर्जुन, अभिषेक, अभय, विवेकानंद,विजय, नारायण, भदोही से जिला संगठन मंत्री विकास, जिला संयोजक आर्यन, मातृशक्ति से अनीता सहित चुनार, भदोही और मिर्जापुर के प्रबुद्ध नागरिक नगर विधायक रत्नाकर् मिश्र, मझवां विधायिका सुचिस्मिता मौर्य, पूर्व प्रान्त संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव, पूर्व चेयरमैन मनोज जायसवाल के साथ अनेक पदाधिकारी एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं।



