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साउथ कैंपस बीएचयू में “रिसर्च मेथोडीलाजी: फाउंडेशंस फार प्रैक्टिसर्स” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

मीरजापुर।
राजीव गांधी दक्षिण परिसर काशी हिंदू विश्वविद्यालय में “रिसर्च मेथोडीलाजी: फाउंडेशंस फार प्रैक्टिसर्स” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ 19 जनवरी 2026 को हुआ। कार्यशाला एमoबीoएo (एग्रीबिजनेस), इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (आईएमएस) द्वारा आयोजित की जा रही है, जो 21 जनवरी 2026 तक चलेगी।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में प्रोo वीoएनo मिश्रा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, न्यूरोलॉजी विभाग, आईoएमoएसo, काoहिoविoविo ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने अकादमिक कठोरता, साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया तथा विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में अनुसंधान पद्धति की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोo बीoएमoएनo कुमार, प्रोफेसर-इन-चार्ज, राoगांoदoपo, काoहिoविoविo ने की, जिन्होंने छात्रों और शिक्षकों के बीच अनुसंधान संस्कृति तथा क्षमता निर्माण में इस प्रकार की कार्यशालाओं के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर प्रोo आशीष बाजपेयी, निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़, काoहिoविoविo ने समकालीन शैक्षणिक एवं संगठनात्मक चुनौतियों के समाधान हेतु अंतर्विषयी एवं व्यवहारोन्मुख अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया। प्रोo एसoकेo दुबे, डीन एवं विभागाध्यक्ष, आईoएमoएसo, काoहिoविoविo ने पद्धतिगत कठोरता, अनुसंधान नैतिकता तथा गुणवत्तापूर्ण शोध के महत्व को रेखांकित किया। प्रोo अभिजीत सिंह, कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं वर्कशॉप डायरेक्टर, एमoबीoएo (एग्रीबिजनेस), आईएम, काoहिoविoविo ने कार्यशाला के उद्देश्यों, संरचना तथा इसके व्यवहारिक और हैंड्स-ऑन दृष्टिकोण की जानकारी दी।

कार्यशाला का समन्वय डॉo राजीव कुमार, आयोजन सचिव, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़, काoहिoविoविo के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिन्होंने छात्रों एवं शोधार्थियों के लिए कौशल विकास, अनुसंधान क्षमता और अकादमिक लेखन पर कार्यशाला के फोकस को रेखांकित किया।

कार्यशाला का उद्देश्य अनुसंधान अभिकल्पना, डेटा विश्लेषण, अकादमिक लेखन, अनुसंधान नैतिकता तथा शैक्षणिक संप्रेषण में प्रतिभागियों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। इस कार्यशाला में लगभग 96 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें विभिन्न विषयों जैसे पशु चिकित्सा विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, आयुर्वेद, वाणिज्य, कृषि तथा लॉजिस्टिक्स प्रबंधन के प्राध्यापक, शोधार्थी तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र शामिल हैं।

उद्घाटन सत्र के समापन पर डॉo राजीव कुमार, आयोजन सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने मुख्य अतिथि, सभी विशिष्ट अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों, प्रतिभागियों, आयोजन समिति, स्वयंसेवकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति कार्यशाला के सफल आरंभ हेतु उनके सहयोग और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यशाला के प्रथम दिवस में विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रोo वीoएनo मिश्रा ने “अनुसंधान का परिचय एवं उसकी प्रासंगिकता” विषय पर सत्र लिया, जिसमें उन्होंने अकादमिक, संगठनात्मक तथा सामाजिक क्षेत्रों में अनुसंधान की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इसके पश्चात प्रोo पीयूष कांत राय, सांख्यिकी विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, काoहिoविoविo ने “मापन पैमाने एवं विश्वसनीयता तथा एस पी एस एस और एक्सेल के माध्यम से डेटा विश्लेषण” विषय पर सत्र लिया, जिसमें परिणामों की व्याख्या एवं व्यावहारिक अनुप्रयोग पर विशेष जोर दिया गया।

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