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विंध्य कॉरिडोर पर करोड़ों खर्च, फिर भी दूषित पानी से लोग परेशान: मनोज श्रीवास्तव

मीरजापुर। विंध्य कॉरिडोर के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन विंध्याचल धाम के कई इलाकों में आज भी लोग दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इसी कस्बे से विधायक और राज्य मंत्री होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। यह बातें राष्ट्रवादी मंच द्वारा आयोजित जन चौपाल में रेहड़ा चुंगी में व्यक्त किया।

कहा कि जब समाज की संघर्ष शक्ति कमजोर पड़ जाती है, तब पापाचार, अनाचार, अत्याचार और भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ता हैं। समाज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों को स्वयं खड़ा होना होगा। केवल जनप्रतिनिधियों या दूसरों के भरोसे बैठने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

कहा कि सेवा का दावा करने वाले नेता जनता का विश्वास जीतकर अपनी ही सेवा और संपत्ति के विस्तार में लग जाते हैं। आरोप लगाया कि नगर के तरकापुर में 15 बीघा के एक तालाब को पाटने का काम एक “सेवक” के इशारे पर कराया जा रहा था। वहीं हरसिंहपुर में किसानों सैकड़ों भीगे की फसल बर्बाद कर दी गई। जब जागरूक किसानों ने धमकियों से डरने के बजाय धरना दिया, तो अगले ही दिन अधिकारी और जिम्मेदार लोग उन्हें मनाने पहुंचे और किसानों को मुआवजा उनके दरवाजे पर मिला। यह विरोध के शक्ति का परिणाम था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण मिश्र ने कहा कि समाज में वही आगे बढ़ता है, जिसके भीतर सत्य के लिए संघर्ष करने की क्षमता होती है। उन्होंने जिले के पिछड़ेपन के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जिले की आबोहवा से अपरिचित लोग जनता के भोलेपन का लाभ उठाकर यहां अपने आशियाने बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का आह्वान किया।

चौपाल कार्यक्रम में राष्ट्रवादी मंच के महामंत्री अनिल गुप्ता, नगर अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, मनोज दमकल, राजेश सिन्हा, तीर्थ पुरोहित देवता गुरु पाण्डेय, दीपक श्रीवास्तव, गुलशन पाठक, जय वर्मा, अमरदीप वर्मा, अधिवक्ता संजय गोस्वामी, हर्ष श्रीवास्तव और संदीप यादव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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