मीरजापुर। नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने मीरजापुर के ऐतिहासिक घाटों के पुनर्जीवन की दिशा में बड़ी पहल करते हुए प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया है। उन्होंने मीरजापुर नगर में स्थित गंगा नदी के प्रमुख ऐतिहासिक घाटों का जल निगम के अधिकारियों एवं सभासदगण के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नए घाटों के निर्माण तथा पुराने घाटों के सुंदरीकरण को लेकर नपाध्यक्ष ने विस्तृत चर्चा की।
घाटों के सुंदरीकरण के लिए संबंधित विभाग को शीघ्र ही प्रस्ताव भेजे जाने पर सहमति बनी है। गौरतलब है कि मिर्जापुर के घाटों का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। ये घाट न केवल धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र रहे हैं, बल्कि व्यापार, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों के भी सजीव साक्षी रहे हैं।
कचहरी घाट, बरिया घाट, ओलियर घाट, बदली घाट, पक्का घाट, नारघाट, बाबा घाट, दाऊजी घाट, गंगाराम घाट, संकटा घाट, गऊ घाट, गैबी घाट, मलाही घाट, चौबे घाट, खंडवा वाला घाट एवं ओझला पुल क्षेत्र के घाट—विंध्याचल दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों के लिए सदियों से आवागमन, स्नान, पूजा एवं सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहे हैं।
समय के साथ कई घाट जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। ऐसे में इनके पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि नगर की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, सीढ़ियों की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुविधा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
इस अवसर पर नगर उपाध्यक्ष रूपेश यादव, सभासद राधेश्याम गुप्ता, नीरज गुप्ता, सभासद पति शरद, अमित मिश्रा, विकास यादव, दुर्गा यादव, जल निगम के जेई विवेक बिंद, अमन जायसवाल, आदित्य वर्मा, सनत केशरी, जल निगम के अधिशासी अभियंता (EX-EN) अरविंद कुमार चौधरी, सहायक अभियंता (AE) नृपेंद्र सिंह एवं जेई रोहित सिंह उपस्थित रहे।



