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ब्रह्माकुमारीज के शाश्वत जैविक खेती का उद्घाटन, भूमि पूजन संग तपस्या धाम का हुआ लोकार्पण

मीरजापुर।

आध्यात्मिक चेतना और प्राकृतिक ऊर्जा के अद्भुत संगम के रूप में बुधवार को ब्रह्माकुमारीज द्वारा संचालित शाश्वत जैविक खेती का भव्य उद्घाटन सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि के मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती शोभा गौड़ तथा विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी के साथ ही ब्रह्माकुमारीज के मिर्जापुर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके बिंदु दीदी की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ परमपिता परमात्मा शिव के सामूहिक ध्यान से हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण शांति और पवित्रता की दिव्य तरंगों से गुंजायमान हो उठा। तत्पश्चात 6.30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही जैविक/यौगिक खेती के मध्य निर्मित “तपस्या धाम” मेडिटेशन कक्ष का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस तपस्या धाम में खेती से जुड़े भाई-बहन नियमित रूप से ध्यान साधना कर प्रकृति के पंचतत्वों एवं भूमि को शुद्ध और सकारात्मक संकल्पों की ऊर्जा प्रदान करते हैं। ब्रह्माकुमारीज का मानना है कि ध्यान की स्थिति में किए गए शुद्ध संकल्पों को प्रकृति ग्रहण करती है, जिससे फसलें अधिक ऊर्जावान, स्वादिष्ट और पोषक बनती हैं।
इसके पश्चात शिव ध्वजारोहण एवं विधिवत भूमि पूजन सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि श्रीमती शोभा गौड़ ने अपने उद्बोधन में कहाकि वर्तमान समय में रासायनिक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थ मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में पूर्णतः दवा रहित और जैविक पद्धति पर आधारित यह शाश्वत यौगिक खेती समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह पहल न केवल शरीर को स्वस्थ बनाएगी, बल्कि मन और समाज को भी संतुलित व सशक्त बनाएगी।
विशिष्ट अतिथि श्याम सुंदर केसरी जी ने इस आध्यात्मिक कृषि मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास किसानों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा और उन्हें प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती के लिए प्रेरित करेगा।
सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने विस्तार से बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत सभी प्रकार की सब्जियाँ और फल पूर्णतः ऑर्गेनिक विधि से उगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यौगिक विधि से उगाई गई उपज में स्वाद, मिठास और पोषण की मात्रा विशिष्ट रूप से अधिक अनुभव की जा रही है।
विपिन मिश्रा जी ने कैसे प्राकृतिक खेती करें उसके बारे में विस्तार से बताया।
आज के समय में जब बिना रासायनिक खाद व दवाओं के खेती की कल्पना कठिन प्रतीत होती है, तब ब्रह्माकुमारीज का यह प्रयास एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम का समापन सभी के मंगलकामनाओं और विश्व कल्याण के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में सैकड़ों नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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