मीरजापुर 18 फरवरी 2026- जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में वित्तीय वर्ष-2026-27 में वित्तमान के निर्धारण (स्केल ऑफ फाइनेंस) हेतु बैठक आयोजित की गयी। सदस्य सचिव डा0 अवधेश कुमार यादव जिला कृषि अधिकारी) द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष-2026-27 हेतु कृषि के अलावा उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा रेशम विभाग से प्रस्ताव प्राप्त किये गये है। जिला स्तरीय तकनीकी समिति के अनुमोदन के उपरान्त निर्धारित वित्तमान का उपयोग शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की क्षतिपूर्ति, प्रिमीयम का निर्धारण तथा कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड की ऋण सीमा का निर्धारण में किया जायेगा। बैठक में कृषि विभाग से 15 फसलों का, उद्यान विभाग से 6 औघानिक फसलों का, पशुपालन विभाग द्वारा बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं दुग्ध उत्पादन, रेशम विभाग द्वारा रेशम उत्पादन एवं मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालन में आने वाले व्यय तथा विभाग में चलने वाली योजनाओं पर चर्चा हुई तथा जिला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा निर्धारित वित्तमान का अनुमोदन किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जनपद में बकरी पालन, भेड़ पालन तथा सुअर पालन की व्यापक सम्भावना है। इसके लिये कृषकों को नियमित रूप से योजना से अवगत कराते हुये प्रोत्साहित करते रहें। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद के कृषक अपने परम्परागत कृषि के अतिरिक्त डायवर्सीफाइड कृषि जैसे रेशम पालन, मछली पालन, मुघमक्खी पालन तथा राजगढ़ क्षेत्र में ड्रेगन फुट एवं खजूर की खेती, पशु पालन, भेड पालन इत्यादि पर जोर दे। जिससे कृषकों के आय में वृद्धि की सम्भावना है, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि इससे लागत कम तथा आय ज्यादा होगा। बैठक में उप कृषि निदेशक विकेश पटेल, जिला प्रबन्धक नावार्ड, जिला अग्रणी, बैंक प्रबन्धक, सहायक निदेशक रेशम, जिला उद्यान अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्री तेजन्दर सिंह, डा० कुँवर सत्येन्द्र सिंह अपर जिला कृषि अधिकारी इत्यादि उपस्थित रहें।



