जिलाधिकारी ने सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर प्रदर्शित एक करोड़ से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा कर समय पर पूर्ण करने का दिया निर्देश
सी0एम0 डैशबोर्ड, पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स व त्वरित आर्थिक विकास योजना की भी की गई समीक्षा
मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में निर्माणाधीन सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर प्रदर्शित एक करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के प्रगति समीक्षा के साथ ही सी0एम0 डैशबोर्ड (विकास कार्य), पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स व त्वरित आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत निर्मित कार्यो/परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा सम्बन्धित अधिकारियों/कार्यदायी संस्थाओ के साथ बैठक कर की गई।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, परियोजना निदेशक डी0आर0डी0ए0 धरमजीत सिंह के अलावा सम्बन्धित विभागो के अधिकारी उपस्थित रहें। बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाएं विलम्बित न हो, कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा अन्तर्गत गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण में मानक अनुरूप ही सामाग्री का उपयोग किया जाए जिस विभाग की परियोजना है उससे सम्बन्धित अधिकारी अपनी परियोजनाओं का नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करते हुए आख्या मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से फोटोग्राफ सहित उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो गई है उसे गठित तकनीकी टीम से परीक्षण कराते हुए हैण्डओवर किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओ को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण कराया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओ को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं में धनावंटन न हुआ हो ऐसे परियोजनाओ के पूर्णता की समय सीमा कार्यदायी संस्था के अधिकारी अपने मुख्यालय से सम्पर्क करते हुए पूर्णता की तिथि को बढ़ाते हुए धनावंटन हेतु पत्राचार कर पैरवी भी सुनिश्चित करें ताकि परियोजनाओ को समय पूर्ण कराया जा सकें।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सी0एम0आई0एस0 पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं में कार्यदायी संस्था यू0पी0आर0एन0एस0एस0 के कुल 14 परियोजनाओं में 11 पूर्ण, उ0प्र0 राज्य सेतु निगम की 07 में 04 पूर्ण, उ0प्र0 प्रोजेक्टर कारपोरेशन लिमिटेड के 27 में 18 पूर्ण, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के 15 में 11 पूर्ण, उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के 163 परियोजनाओं में 158 पूर्ण, उत्तर प्रदेश जल निगम शहरी 06 में 03 पूर्ण, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड के 06 में से 03 पूर्ण, यूूपी सिडको के 04 में 03 पूर्ण, लोक निर्माण विभाग के 24 में 15 पूर्ण, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा में 55 में 54 पूर्ण, सिंचाई एवं जल संशाधन विभाग 68 में 39 पूर्ण, सी0एण्डडी0एस0 के 14 में 05 पूर्ण, उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड 02 मे 02 पूर्ण सहित कुल 422 निर्माणाधीन परियोजनाओं में 340 परियोजनाएं पूर्ण करा ली गई शेष लम्बित 85 परियोजनाओं में 16 परियोजनाएं निर्धारित समय के पश्चात विलम्बित तथा 69 परियोजनाएं निर्धारित समय की अवधि में प्रगति पर है जिसे ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि सभी परियोजनाओं के लिए कुल स्वीकृत धनराशि 7327.31 करोड़ के सापेक्ष 6159.11 करोड़ अवमुक्त किया गया जिसमें 5795.59 करोड़ का व्यय करते हुए कुल 1514.87 प्रतिशत की वित्तीय प्रगति है। उपरोक्त परियोजनाओ में सड़क, पुल, विभिन्न भवन, पर्यटन विकास, घाटो के निर्माण, शौचालय सहित विभिन्न परियोजनाएं शामिल है। जिलाधिकारी ने कहा कि समयावधि के बाद विलम्बित परियोजनाओं में कार्य प्रगति बढ़ाते हुए समय सीमा के अन्दर प्रगति वाले परियोजनाओं को भी समय पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सी0एम0 डैशबोर्ड (विकास कार्य) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विकास से सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विभागो में कुछ ही प्रतिशत की पूर्णता के कारण रैकिंग में कमी आ रही है वे कार्य में तेजी लाते हुए पूर्ण कराएं तथा कार्यो की फोटो फीडिंग व अपलोड करना सुनिश्चित करे ताकि रैकिंग में सुधार लाया जा सके।
बैठक में पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स व त्वरित आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत निर्मित कार्यो/परियोजनाओं के प्रगति की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। बैठक में जिला विकास अधिकारी रमाशंकर सिंह, उपायुक्त मनरेगा सुशान्त सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग इंजी. अशोक कुमार व इंजी. जर्नादन यादव के अलावा जल निगम, सिंचाई सहित सभी सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।



