मीरजापुर।
विंध्यवासिनी महिला महाविद्यालय भरुहना में मंगलवार को डीएलएड 2025-27 सत्र के नव प्रवेशित छात्राध्यापकों के लिए औपचारिक परिचय समारोह का आयोजन किया गया। शुभारम्भ माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। महाविद्यालय के अध्यक्ष, जिले के वरिष्ठ सर्जन एवं समाजसेवी डॉ नीरज त्रिपाठी, प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार सेठी, डीएलएड के विभागाध्यक्ष डॉ अशोक द्विवेदी एवं प्राध्यापकगण ने नवागंतुक छात्राध्यापकों का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षक प्रशिक्षण के महत्व, अनुशासन, शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा नैतिक मूल्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।
डॉ नीरज त्रिपाठी ने पर नवप्रवेशित छात्राध्यापकों को सम्बोधित करते हुए कहा कहाकि डीएलएड पाठ्यक्रम केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, बल्कि भावी शिक्षकों के व्यक्तित्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। आज के एआई युग में सभी को अपने आप को अपग्रेड करना अनिवार्य हो गया है और कोई भी शिक्षा घर बैठ कर पूरी नहीं हो सकती। विद्यालय और कक्षाओं में आए बगैर छात्र छात्राओं के व्यक्तित्व का पूर्ण विकास नहीं हो सकता। कक्षाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहाकि कक्षाओं में आकर ही प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि कोई भी ज्ञान जो अर्जित किया जाता है वो कभी व्यर्थ नहीं जाता। यदि अच्छा शिक्षक बनना है तो कक्षाओं में आकर प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार सेठी ने नवप्रवेशित छात्राध्यापक एवं छात्राध्यापिकाओं का महाविद्यालय परिसर में स्वागत करते हुए उन्हें प्रशिक्षण के दौरान कक्षाओं में अपनी शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने को कहा। उन्होंने कहाकि प्रशिक्षण बिना नियमित कक्षाओं में सम्मिलित हुए अपूर्ण रह जाता है।
उन्होंने सभी नव प्रवेशित छात्राध्यापकों को सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
डीएलएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अशोक द्विवेदी ने समस्त नवप्रवेशित छात्राध्यापकों को उनके पाठ्यक्रम एवं उसकी उपयोगिता के बारे में समझाया और कक्षाओं के दौरान अनुशासित एवं नियमित रहने को कहा।
कार्यक्रम के दौरान छात्राध्यापकों ने अपना परिचय दिया तथा महाविद्यालय की परंपराओं और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। समारोह में उत्साहपूर्ण वातावरण रहा और सभी ने आगामी सत्र को सफल बनाने का संकल्प लिया। संचालन डी.एल.एड विभाग की छात्राध्यापिकाएं आंशिक जायसवाल एवं ज्योति द्वारा किया गया।



