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भारतीय गुणवत्ता परिषद ने एपेक्स आयुर्वेदिक संस्थान में गुणवत्ता यात्रा 2026 का किया सफल आयोजन
फोटोसहात
चुनार, मीरजापुर।
आयुष स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, उत्कृष्टता एवं मरीज-केन्द्रित देखभाल को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारतीय गुणवत्ता परिषद द्वारा एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड हॉस्पिटल, समसपुर, चुनार में गुणवत्ता यात्रा–2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) कार्यक्रमों पर एक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आए 125 से अधिक प्रतिभागियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालयों से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों एवं हॉस्पिटल प्रबंधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो डॉ कमलेश कुमार द्विवेदी, सदस्य बोर्ड ऑफ आयुर्वेद, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग, नई दिल्ली, विशिष्ट अतिथि प्रो डॉ एस के सिंह, चेयरमैन, एपेक्स ट्रस्ट इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल, विशेषज्ञ वक्ताओं में डॉ अदनान मस्तान, सहायक प्राध्यापक, आयुष निदेशालय, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार तथा पंकज कुमार, सहायक प्रबंधक, भारतीय गुणवत्ता परिषद, एपेक्स डीन प्रो सुनील मिस्त्री, आयुर्वेद प्रधानाचार्य प्रो डॉ पी के सिंह एवं समस्त आयुर्वेद संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में धन्वंतरि पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने एनएबीएच प्रत्यायन एवं आयुष प्रारंभिक स्तर प्रमाणन की संपूर्ण प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों के क्रियान्वयन, दस्तावेज़ीकरण एवं मूल्यांकन प्रणाली पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान एपेक्स आयुर्वेद इंस्टिट्यूट के विभिन्न विभागों काय चिकित्सा, शल्य तंत्र एवं कौमारभृत्य द्वारा क्लीनिकल केस प्रस्तुतीकरण करते हुए योग्या क्लिनिकल स्किल लैब अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रयोगशाला का अवलोकन कराया गया। तकनीकी सत्र में एनएबीएच मान्यता के लाभ, आवेदन प्रक्रिया, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली एवं निरंतर गुणवत्ता सुधार की रणनीतियों पर गहन चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि एनएबीएच मान्यता आयुष संस्थानों की विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ मरीजों को सुरक्षित, पारदर्शी एवं मानकीकृत उपचार सुनिश्चित करती है। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित कर उनके प्रश्नों का समाधान किया। कार्यक्रम का समन्वयक डॉ गौरी चौहान, एसोसिएट प्रोफेसर, कायचिकित्सा, मेडिकल ऑफिसर डॉ ओम हर्ष यति द्वारा किया गया। यह आयोजन आयुष स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक कदम सिद्ध हुआ।

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