नाली नदारत, कच्ची सड़क पर तीन रास्तों का बह रहा पानी
0 जिलाधिकारी से की शिकायत तो डीएम ने वीडियो को दिए निर्देश
मीरजापुर।
“नाली नदारद, तीन रास्तों का कच्ची सड़क पर बह रहा पानी” यह कोई मुहावरा नहीं, बल्कि हकीकत है 96 विकास खंड के ग्राम पंचायत विजयपुर के पुरानी बाजार ‘राम-राम चौराहा’ का, जहां तीन-तीन मार्गों का घरों का एवं नालियों का पानी एक मार्ग पर बह रहा है, किंतु ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा ना तो नाली का निर्माण कराया गया है और ना ही कच्ची सड़क की आरसीसी अथवा इंटरलॉकिंग कराई जा रही है। ऐसे में जहां एक तरफ सड़क पर गंदगी बस बजती रहती है वहीं दूसरी तरफ संक्रामक बीमारियों की भी आशंका बनी रहती है। ग्राम प्रधान से कई बार खाने के बावजूद समाधान न होने पर यह मामला जिलाधिकारी के दरबार में एक जनप्रतिनिधि द्वारा उठाया गया जिस जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण के लिए खंड विकास अधिकारी 96 को निर्देशित किया है।
उल्लेखनीय है कि पुरानी बाजार राम-राम चौराहा से लेकर सुबराती के घर तक पूर्व में बनी सड़क पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है लगभग 100 मीटर के इस मार्ग पर वाहनों का चलना तो दूर पैदल चलकर भी लोग कीचड़ एवं गड्ढों में गिरकर घायल होते रहते हैं। पूर्व में भारत सरकार के नोटरी श्रीश कुमार अग्रहरी ने बीडीओ छानबे से मिलकर उक्त मार्ग को ठीक करने की अपील की थी लेकिन लगभग 1 साल बीत जाने के बाद भी वीडियो एवं ग्राम प्रधान स्तर से किसी प्रकार की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई
ऐसे में थकान कर नोटरी श्रीश कुमार अग्रहरी नए जिला अधिकारी से मुलाकात की और उनसे यथाशीघ्र सड़क निर्माण की अपील की जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी 96 को निर्देशित किया है कि यथाशीघ्र उक्त समस्या का निदान किया जाए। आरोप है कि वोट की राजनीति में पड़े ग्राम प्रधान जिनके द्वारा जहां एक दो मकान है ऐसे स्थान पर पहुंच मार्ग दुरुस्त कर दिया गया है लेकिन जहां घनी आबादी है वहां वोट की राजनीति कर सड़क निर्माण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है।
अब देखना यह है कि जिलाधिकारी मिर्जापुर पवन कुमार गंगवार के निर्देशों का खंड विकास अधिकारी छानबे के ऊपर क्या प्रभाव पड़ता है? सड़क आरसीसी अथवा इंटरलॉकिंग का कार्य उक्त मार्ग पर कराया जाता है अथवा जिलाधिकारी का आदेश भी बीडीओ एवं ग्राम प्रधान द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।




