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महान संगीत मनीषी पद्मविभूषण पं० छत्रूलाल मिश्र की प्रथम पुण्यतिथि पर भव्य स्मृति समारोह का आयोजन

मिर्ज़ापुर। स्थानीय सिटी क्लब, सिविल लाइंस रोड (रमई पट्टी) में ‘संगीत-संत’ पद्मविभूषण स्व० पं० छन्नूलाल मिश्र जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य ‘संगीत-संत स्मृति अलंकरण समारोह एवं संगीत संध्या’ का गरिमामयी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गुरुकुल पं० छन्नूलाल मिश्र काशी संगीत न्यास (वाराणसी) एवं नम्र सेवा संस्थानम् (मिर्जापुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसकी प्रणेता पं० छन्नूलाल मिश्र की पुत्री एवं शिष्या प्रो० नम्रता मिश्रा (प्रोफेसर, संगीत विभाग, के.बी.पी.जी. कॉलेज) रहीं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कुलपति प्रो० शोभा गौड़ जी (माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर) उपस्थित रहीं।

वरिष्ठ कलाकारों का हुआ सम्मानः

समारोह के दौरान संगीत और समाज सेवा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाली विभूतियों को ‘संगीत-संत स्मृति अलंकरण और ₹5100/- की सम्मान राशि से विभूषित किया गया। सम्मानित होने वाले प्रबुद्ध कलाकार व समाजसेवी निम्नलिखित हैं:

श्री पंचम राम जी – तबला वादन के क्षेत्र में

श्री बद्री यादव जी – गायन-लोक संगीत के क्षेत्र में

श्री आशुतोष दुबे जी – समाजसेवा (पत्रकारिता) के क्षेत्र में

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूमः

स्मृति समारोह में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से स्व० महाराज जी को स्वर श्रद्धांजलि अर्पित कीः

कथक नृत्यः पं० रविशंकर मिश्र, डॉ० ममता टंडन एवं सुश्री मान्डवी सिंह के मनमोहक नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सितार जुगलबंदी: पं० नरेन्द्र मिश्र एवं पं० अमरेन्द्र मिश्र की जुगलबंदी ने सुरों की अनूठी छटा बिखेरी।

सुगम संगीत गायनः पं० पंकज मिश्र एवं साथी कलाकारों ने सुमधुर भजनों और गीतों की प्रस्तुति दी।

संगत कलाकारः कार्यक्रम में तबला संगत पर पं० भोला नाथ मिश्र, श्री आदित्य मिश्र व सुश्री अवन्तिका मिश्रा, बाँसुरी संगत पर श्री प्रांजल सिंह तथा गायन सहयोग में श्री गौरव मिश्र ने अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन किया।

संचालन थे० नम्रता मिक्षा एवं ती शिवराय शमी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. नम्रता मिश्रा ने किया।

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