0 तीसरी बार उपाध्यक्ष बने सोहनलाल श्रीमाली का विपक्ष पर प्रहार
0 पत्रकार वार्ता कर गिनाईं पिछडा वर्ग आयोग की उपलब्धियां;
0 बोले – जब उनकी सरकार थी तब पिछड़ों के लिए कुछ नहीं किया
विमलेश अग्रहरि, मीरजापुर। तीसरी बार उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) बनने के बाद सोहनलाल श्रीमाली ने शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय सेवाधाम ओझला मे प्रेसवार्ता कर कहा कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को सामाजिक न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का निराकरण हमारी जिम्मेदारी है। आयोग के कार्यों और उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने पिछड़े वर्ग के हितों, उनके अधिकारों और आयोग की भूमिका पर अपनी बात रखी।
कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग का उद्देश्य पिछड़े वर्ग के लोगों के हितों की रक्षा करना, उनकी समस्याओं को सुनना और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली और उसके माध्यम से पिछड़े वर्ग के लोगों को मिलने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने कहाकि पिछड़े वर्ग के लोगों को सामाजिक न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर पर उठाना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आयोग के माध्यम से समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों की शिकायतों को सामने लाने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा – “विपक्षी पार्टियां और विभिन्न प्रकार के लोग आज पिछड़ा वर्ग के लोगों को भड़का रहे हैं, लेकिन जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने कभी पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए कोई काम और सहयोग नहीं किया।” आज योगी-मोदी सरकार में ही पिछड़ा वर्ग सुरक्षित है। हमने छात्रवृत्ति, आरक्षण, शिक्षा और रोजगार में पिछड़ों को उनका हक दिया है।”
श्रीमाली ने कहा कि समाजवादी पार्टी परिवारवादी पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब नगर पालिका से लेकर विधायक और सांसद तक के पदों पर उनके परिवार के ही लोग नजर आते थे। उन्होंने सपा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहाकि पार्टी में परिवारवाद को प्राथमिकता दी जाती रही है। सोहन लाल श्रीमाली ने अपने बयान के जरिए समाजवादी पार्टी की राजनीतिक कार्यशैली की आलोचना की और परिवारवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा, बसपा की सरकारों में पिछड़ों को सिर्फ वोट बैंक समझा गया, लेकिन भाजपा ने उन्हें सम्मान और अधिकार दिया है। विपक्ष के भड़काने में अब पिछड़ा वर्ग आने वाला नहीं है।
गौरतलब है कि श्रीमाली को सरकार ने लगातार तीसरी बार आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस फैसले के बाद मिर्जापुर और विंध्याचल में जश्न का माहौल है। श्रीमाली द्वारा निरंतर पिछड़ा समाज सहित सर्व समाज के लिए आवश्यकता पड़ने पर सुख-दुख में पहुंचना एवं उनके लिए तत्पर रहना जनपद मे बहुत ही पसंद किया जा रहा है। ऐसे पसंदीदा जनप्रतिनिधि को लगातार तीसरी बार राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का उपाध्यक्ष बनने पर जनपद के लोग उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई दे रहे हैं और जगह-जगह उनका स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम किया जा रहा है।


