विंध्य महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का एमएलसी ने किया शुभारंभ
0 विंध्य क्षेत्र की धरती प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला, लोकगीत एवं लोक परंपराओं के लिए रही है प्रसिद्ध: सदस्य विधान परिषद
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मीरजापुर। विंध्याचल नवरात्र मेले में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित नौ दिवसीय विंध्य महोत्सव के द्वितीय दिवस के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ सदस्य विधान परिषद श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। उन्होने कहा कि विंध्य क्षेत्र की धरती प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला, लोकगीत एवं लोक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध रही है। यहां की कला और संस्कृति हमारी पहचान है, जिसे संरक्षित एवं संवर्धित करना हम सभी का दायित्व है। कलाकार अपनी प्रतिभा और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को जोड़ने तथा हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कहा कि विंध्य महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों से आए कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। ऐसे आयोजनों से लोककला को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ आपसी सद्भाव, सांस्कृतिक एकता एवं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में कोलकाता की देवयानी वसु एवं नमाली घोष ने भरतनाट्यम की आकर्षक प्रस्तुति दी। मीरजापुर व भदोही के कलाकारो ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। सोनभद्र के महेंद्र कुमार, वाराणसी की वरन्या सिन्हा तथा नूपुरवाणी नृत्य एकेडमी की टीम ने भी अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।
विंध्य महोत्सव के मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों एवं उनकी टीम को एमएलसी विनीत सिंह तथा डिप्टी कलेक्टर जूही प्रसाद ने मां विंध्यवासिनी का चित्र, चुनरी एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर जूही प्रसाद, विन्ध्य धाम तीर्थ विकास परिषद से रूपेश श्रीवास्तव, अजू मौर्या सहित अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे। 14 अक्टूबर 2026 को विभिन्न जनपदों एवं प्रदेशों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।


