News

ब्रह्माकुमारी की दीदीयों ने डीएम, डीआईजी सहित अधिकारियों व राजनेताओं को बांधा रक्षा सूत्र; 116 वर्षीय दादाजी भी पहुंचे ब्रह्माकुमारीज केंद्र

0 ब्रह्माकुमारीज ने आध्यात्मिक संदेश के साथ मनाया रक्षाबंधन पर्व, हजारों लोगों को बांधा रक्षा सूत्र
मीरजापुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्माकुमारीज के प्रभु उपहार भवन शुक्लहा में रक्षाबंधन का कार्यक्रम अत्यंत हर्षोल्लास, प्रेम एवं आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य समझाया।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई द्वारा बहन की रक्षा का संकल्प लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वयं को काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, नफरत एवं अन्य बुराइयों से बचाने का आध्यात्मिक संकल्प है। रक्षा सूत्र हमें श्रेष्ठ संस्कारों और पवित्र जीवन की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।

इसी क्रम में बीके बिंदु दीदी एवं बहनों ने मिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को रक्षा सूत्र बांधा। जिलाधिकारी ने ब्रह्माकुमारी बहनों के प्रति अपना स्नेह एवं सम्मान व्यक्त किया तथा बहनों से आशीर्वाद भी लिया। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना की। जिलाधिकारी का परिवार भी इस अवसर पर उपस्थित रहा।

इसके साथ ही मिर्जापुर मंडल की डीआईजी श्रीमती पूनम को भी रक्षा सूत्र बांधकर स्नेह मिलन किया गया। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज केंद्र आने की इच्छा व्यक्त की। अपर आयुक्त प्रशासन राज कुमार द्विवेदी, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के राज्य मंत्री सोहनलाल श्रीमाली, विधायक रत्नाकर मिश्र एवं रमाशंकर पटेल सहित जनपद के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों को भी रक्षा सूत्र बांधा गया।

पांच दिवसीय विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान में योगदान देने वाले रक्तवीरों एवं रक्तवीरांगनाओं को भी रक्षा सूत्र बांधकर उनके निस्वार्थ सेवा भाव के लिए सम्मानित किया गया। केंद्र पर पहुंचे हजारों लोगों को रक्षा सूत्र बांधकर ईश्वरीय संदेश दिया गया। सबसे प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला जब 116 वर्षीय दादाजी माता गुलाम उपाध्याय विशेष रूप से ब्रह्माकुमारीज केंद्र पहुंचे और बीके बिंदु दीदी से रक्षा सूत्र बंधवाया।

  उनके मन में ब्रह्माकुमारी बहनों से राखी बंधवाने की विशेष इच्छा थी। उनका यह उत्साह समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है कि प्रेम, स्नेह और आध्यात्मिकता की कोई उम्र सीमा नहीं होती।

Banner VindhyNews
error: Right Click Not Allowed-Content is protected !!