मीरजापुर। विशेष सचिव, सिंचाई एवं जल संसाधन, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ श्याम बहादुर सिंह ने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के आकांक्षात्मक विकास खण्डों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी द्वारा विशेष सचिव को जानकारी देते हुए बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 50 इंडीकेटर्स आकांक्षात्मक विकास खण्डों के लिए निर्धारित किए गए हैं। जनपद में हलिया, पटेहरा, नगर, राजगढ़ एवं पहाड़ी आकांक्षात्मक विकास खण्डों में शामिल हैं। इस पर विशेष सचिव द्वारा विकास खण्ड राजगढ़ के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई।
सीएम फेलो द्वारा बताया गया कि राजगढ़ में 34 सब सेंटर हैं एवं 47 एएनएम कार्यरत हैं तथा 05 सब सेंटर खाली हैं। इस पर विशेष सचिव ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि कल तक जिन सब सेंटरों में एक से अधिक एएनएम कार्यरत हैं, वहां से एएनएम की तैनाती खाली सेंटरों पर करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं के बारे में भी जानकारी ली। रिपोर्टिंग सही न होने पर बीसीपीएम को निर्देशित करते हुए कहा कि आशाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के आंकड़ों को एकत्र करते हुए पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
प्रभारी चिकित्साधिकारी राजगढ़ डॉ. संतलाल द्वारा सही से जानकारी न दिए जाने एवं स्वास्थ्य विभाग के कई इंडीकेटर्स में प्रगति खराब होने पर विशेष सचिव ने जिलाधिकारी को इनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही जो कमियां हैं, उन्हें आज ही पूर्ण करना सुनिश्चित करें। यदि कल निरीक्षण के दौरान सही जानकारी अथवा कोई कमियां पाई गईं तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विभागवार योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
विशेष सचिव ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्डों में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास के विभिन्न मानकों में अपेक्षित सुधार लाते हुए इन क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जोड़ा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा पात्र लाभार्थियों को शासन की योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित किया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, मूलभूत अवस्थापना, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित सूचकांकों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। विशेष सचिव ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्डों में विकास कार्यों की प्रगति को नियमित रूप से अनुश्रवण करते हुए जिन बिंदुओं पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य किया जाए तथा क्षेत्र में भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता सुनिश्चित करें।
विशेष सचिव ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े मानकों की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति, मूलभूत सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित योजनाओं में पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने तथा कुपोषण की स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने पर जोर दिया।
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने किसानों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं, कृषि निवेश, सिंचाई सुविधाओं तथा अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण एवं जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने विशेष सचिव को जनपद में आकांक्षात्मक विकास खण्डों में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति के बारे में बिंदुवार विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा एवं स्थलीय सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्डों में विकास के सभी मानकों में सुधार लाने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद के आकांक्षात्मक विकास खण्डों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पोषण, मूलभूत सुविधाओं एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए प्रगति में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित लक्ष्य समय से पूर्ण किए जाएं।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए धर्मजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बाबू लाल, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं आकांक्षात्मक विकास खण्डों से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।





