0 प्रोजेक्ट जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन मिर्जापुर प्रयागराज टीम के द्वारा की गयी कार्रवाई
पूर्णिया।
पूर्णिया जंक्शन पर दिनांक 25 अक्टूबर 2026 को जोगबनी–ईरोड अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 16602) की निगरानी के दौरान कुल 13 बच्चों को चिन्हित किया गया, जिन्हें एक ठेकेदार के साथ चेन्नई ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों द्वारा बताया गया कि उन्हें चेन्नई में विभिन्न कार्यों में लगाया जाना था।
जानकारी के अनुसार बच्चों को सरिया बांधने, होटल में काम करने तथा केले के पत्ते से प्लेट बनाने के कार्य के लिए चेन्नई ले जाया जा रहा था। बच्चों से हुई प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि गांव से उन्हें बहला-फुसलाकर काम के लिए बाहर ले जाया जा रहा था।
निगरानी के दौरान कुल 02 संदिग्ध तस्कर/ठेकेदार से जुड़े व्यक्तियों की पहचान की गई। बच्चों को ट्रेन की विभिन्न बोगियों में पाया गया। बोगीवार बच्चों की संख्या
बोगी नंबर| बच्चों की संख्या
GEN 04| 02
GEN 15| 04
GEN 18| 03
GEN 19| 01
GEN 20| 03
कुल| 13
यह कार्रवाई बच्चों को संभावित बाल श्रम एवं मानव तस्करी से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों को सुरक्षित रखने, उनकी पहचान एवं परिस्थितियों का सत्यापन करने तथा पूरे मामले की आवश्यक जांच के लिए संबंधित विभाग/प्राधिकरण को सूचित किया जाना महत्वपूर्ण है।
बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा प्राथमिकता बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण, जबरन या जोखिमपूर्ण श्रम तथा मानव तस्करी से बचाना समाज और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास, शिक्षा से जुड़ाव तथा उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
रिपोर्टिंग स्थान: पूर्णिया जंक्शन, पूर्णिया
दिनांक: 25 अक्टूबर 2026
ट्रेन: जोगबनी–ईरोड अमृत भारत एक्सप्रेस
ट्रेन संख्या: 16602
चिन्हित बच्चे: 13
संदिग्ध तस्कर/ठेकेदार से जुड़े व्यक्ति: 02
इस छापेमारी कार्यक्रम में विन्ध्याचल मिर्जापुर GRP और RPF का बड़ा सहयोग रहा जिसमें child लाइन टीम आस्था संस्था के प्रोग्राम मैनेजर रतन मिश्रा एवं फील्ड coordinator yaduraaj जी AHTU पुलिस की टीम उपस्थित रही।





