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मामला गरमाने पर ही कार्रवाई, फिर शान्त हो जाती है खनन विभाग की टीम

0 धड़ल्ले से पत्थरो का जिगर चीरकर शीशमहल बना रहे खनन माफिया
0 पोकलेन चालक और मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज  ब्यूरो रिपोर्ट,  मिर्जापुर (मडिहान)। अवैध खनन का मामला गरमाता है तो पुलिस प्रशासन और खान विभाग की टीम थोड़ी बहुत कार्रवाई करके फिर शांत बैठ जाती है। और खनन माफिया इसके बाद फिर उसी गति से अवैध खनन और अपनी सीमा के बाहर खनन कराकर पपतथरो का जिगर चीरकर खुद के लिए शीशमहल तैयार करने मे जुट जाते है। बुधवार को भी खुछ ऐसा ही हुआ। बताते है कि मडिहान थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित तहसील के पीछे बुधवार को एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम, पुलिस व खान विभाग के अधिकारी धमकेए। इनके द्वारा छापेमारी व सीमांकन किया गया। सीमांकन में लीज सीमा से बाहर पत्थर खनन पाये जाने पर सर्वेयर राम सुरेश ने पत्थर माफियाओं के खिलाफ मड़िहान थाने में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करते हुए आगे की कार्यवाई शुरू कर दी है।
मंगलवार की रात अबैध खनन की सूचना पर मड़िहान थानाध्यक्ष को मिली तो पुलिस के कान खड़े हो गये।थानाध्यक्ष हमराहियों के साथ रात में मौके पर पहुचे तो अंधेरे का लाभ उठाते हुए कई चालक पोकलेन छोड़कर भाग निकले। एक चालक को हिरासत में लाकर पोकलेन पुलिस कब्जे में ले लिया। चालक व मालिक के खिलाफ कार्यवाई के लिए बुधवार को सुबह खनिज विभाग को सूचना दी गयी।लेकिन पत्थर माफियाओं के खिलाफ कार्यवाई के लिए कोई भी सक्षम अधिकारी खनिज विभाग से नही पहुँचा।
सीमांकन करने के लिए खनिज विभाग से सर्वेयर रामसुरेश दोपहर बाद पहुँचे।जिससे सीमांकन कार्य देर से शुरू हुआ।पांच एकड़ की लीज पांच सौ मीटर में फैला होने से सीमांकन कार्य पूरा नही किया जा सका।एसडीएम मड़िहान सविता यादव के नेतृत्व में थानाध्यक्ष केके सिंह मय फोर्स राजस्व निरीक्षक,लेखपाल द्वारा सीमांकन का कार्य शुरू हुआ। दो किलोमीटर एरिया में पूरा का पूरा पहाड़ ही पत्थर माफियाओं द्वारा गायब कर दिया गया है। तहसीलदार रामजीत मौर्य ने कहा कि पत्थर माफियाओं को अबैध पत्थर निकालने के लिए कहाँ से छूट मिला। पत्थर माफियाओं द्वारा लीज से कई गुना पत्थर निकाल कर इतने बड़े बड़े गढ्ढे कर दिये गए है कि करोड़ो की रायल्टी सरकारी खजाने की बजाय अधिकारियों की जेब मे चली गयी।
पत्थर माफियाओं के पक्षपात पर सर्वेयर पर भड़की एसडीएम
बुधवार को लीज होल्डरों की सीमा का सीमांकन करने पहुँचे सर्वेयर को एसडीएम उस समय भड़क गई सीमा से बाहर पहाड़ से पत्थर निकाले गये माफियाओं के खिलाफ कार्यवाई के लिए कहा गया।निर्देश के बावजूद पुराना गढ्ढा का हवाला देते हुए सर्वेयर ने कहा कि जिले में साढ़े तीन सौ मुकदमा दर्ज करा चुके हूं।बीस महीने की नौकरी बची है।रिटायर होने के बाद घर पर आराम करने का मौका नही मिलेगा। रोज रोज कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ेगा। अब एफआईआर संभव नही है। अबैध गढ्ढा नापने को तैयार नही हो रहा था।सर्वेयर रामसुरेश ने कहा कि चार सर्वेयर का काम अकेले ही पूरा जिला देखना पड़ता है। लेकिन चर्चा है कि सच्चाई इसके विपरीत है। कई वर्षों से इसी जनपद में अंगद की तरह पांव जमाये बैठा है। यदि किसी सर्वेयर का मिर्ज़ापुर स्थान्तरण हुआ भी तो ऊपर से मिलकर रोकवा देता है। आरोप है कि जिले में अकेले ही मलाई काट रहा है।
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