मीरजापुर।
शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, अपितु उत्तरदायित्व, अनुशासन, नेतृत्व एवं नैतिक मूल्यों के विकास का सशक्त आधार है। इसी पावन उद्देश्य को साकार करने हेतु शुक
रवार, 31 जुलाई को सेमफोर्ड स्कूल बसही में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए नेतृत्व अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यालय का संपूर्ण प्रांगण उत्साह, उल्लास एवं गौरवपूर्ण वातावरण से अनुप्राणित दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के विद्यालय आगमन पर प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह, कॉर्डिनेटर्स एवं विद्यालय के स्काउट बैंड द्वारा भव्य स्वागत के साथ हुआ। तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं मुख्य अतिथि के सम्मान समारोह ने ज्ञान, संस्कृति एवं भारतीय परंपरा के प्रति विद्यालय की आस्था को अभिव्यक्त किया। इसके उपरांत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनोहारी गणेश वंदना ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय एवं आध्यात्मिक गरिमा से आलोकित कर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष कुमार सिंह ने अपने स्वागत सम्बोधन में मुख्य अतिथि विवेक बरनवाल एवं शिप्रा बरनवाल विशिष्ट अतिथियों और उपस्थित जनसमुदाय का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे उत्तरदायी, संवेदनशील एवं आदर्श नागरिकों का निर्माण करना है, जो समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए विद्यालय के अनुशासन, मर्यादा एवं उत्कृष्ट परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ बनाएँ। इसके उपरांत कक्षा प्रथम से बारहवीं तक के class Prefect (मॉनिटर) को बैज प्रदान कर उन्हें उनके दायित्वों का स्मरण कराया गया। समारोह के बीच विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायी नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को अनुशासन, परिश्रम एवं आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया।
इसके पश्चात चारों हाउसों (व्योम, अग्नि, सलिल और पृथ्वी ) के Captain और Vice Captain को सैशे एवं बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय के निदेशक श्री विवेक बरनवाल ने अपने प्रेरणास्पद संबोधन में कहा कि नेतृत्व किसी पद का नाम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन एवं उत्तरदायित्व का पर्याय है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तित्व में ईमानदारी, सहिष्णुता, संवेदनशीलता एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करें तथा विद्यालय एवं राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करें।
इसके उपरांत विद्यालय की स्टूडेंट काउंसिल (Discipline, Sports, CCA)के सदस्यों को बैज प्रदान किए गए। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत अंग्रेज़ी लघु नाटिका ने जीवन में संघर्ष, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर सभी की भरपूर सराहना अर्जित की। वहीं विद्यार्थियों की प्रेरणादायी कविता ने कार्यक्रम को साहित्यिक ऊँचाइयाँ प्रदान करते हुए उपस्थित सभी को गहन रूप से प्रभावित किया।
समारोह के अगले चरण में विद्यालय की निदेशिका श्रीमती शिप्रा बरनवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नेतृत्व की वास्तविक भावना, टीम भावना, अनुशासन एवं मानवीय मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी तथा उन्हें विद्यालय की गरिमा के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का सर्वाधिक गौरवपूर्ण एवं भावनात्मक क्षण तब आया जब विद्यालय के हेड बॉय, हेड गर्ल (स्कूल कैप्टन एवं वाइस कैप्टन्स) को सैश एवं बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात विद्यालय के समस्त नव- मनोनीत कौंसिल सदस्यों ने विद्यालय एवं राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा, कर्तव्यपरायणता, अनुशासन एवं सेवा-भाव बनाए रखने की शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण के पश्चात विद्यालय के हेड बॉय एवं हेड गर्ल ने अपने संदेश में सभी विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि वे विद्यालय परिवार की अपेक्षाओं पर पूर्णतः खरे उतरते हुए अनुशासन, समर्पण एवं उत्कृष्ट आचरण का आदर्श प्रस्तुत करेंगे।
समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय की मिडिल विंग की कोऑर्डिनेटर श्रीमती संगीता शर्मा ने अत्यंत प्रभावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य, निदेशक कर्मचारियों तथा,शिक्षकों से सहयोग प्रदान करने वाले सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। राष्ट्रीय भावना एवं विद्यालायीय गौरव के वातावरण मे सम्पन्न यह बैज अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह विद्यार्थियों के जीवन मे नेतृत्व, अनुसाशन, उत्तरदायित्व,सेवा एवं उत्कृष्टता के नए अध्याय का प्रेरणास्पद सूत्रपात सिद्ध हुआ। यह आयोजन न केवल छात्र-नेताओ के सम्मान का अवसर था,बल्कि उन्मे कर्तवनिष्ठा,नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रनिर्माण की भावना को सुदृढ़ करने वाला एक अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी समारोह भी बन गया। इस अवसर पर विध्यालय परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।





