मीरजापुर। पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर चलाये जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत नवीन अरोरा-अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन व पूनम-पुलिस उपमहानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर के नेतृत्व में अपर्णा रजत कौशिक-पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा जनपद में महिला सम्बन्धित अपराध सहित लूट, हत्या, डकैती, धर्म परिवर्तन, गोवध अधिनियम व अन्य जघन्य अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर लगातार गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन की सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करायी जा रही है।
उक्त अभियान के क्रम में थाना अदलहाट पर युवक की हत्या से सम्बन्धित अभियोग में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही करायी गयी । जिसके परिणाम स्वरूप न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0-01, मीरजापुर द्वारा दोषसिद्ध अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹ 55,000/- के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी।
अभियोजन के अनुसार पांच साल पहले दिनांकः04.05.2021 को थाना अदलहाट पर वादी तरुण सिंह पुत्र अरूण कुमार सिंह निवासी अमलोर थाना पैलानी जनपद बाँदा द्वारा नामजद अभियुक्त/अभियुक्ता के विरूद्ध वादी के भाई अभिषेक उर्फ चित्रवीर को गलत नीयत से गायब कर देने के सम्बन्ध में लिखित तहरीर दी गई।
इस आधार पर थाना अदलहाट पर मु0अ0सं0-83/2021 धारा 365 भादवि पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गयी, विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन करते हुए मुकदमा उपरोक्त में धारा 302,201,120बी भादवि की बढ़ोत्तरी कर नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय/जेल भेजा गया।
अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधीक्षक जनपद मीरजापुर द्वारा “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत उक्त घटना को प्राथमिकता देते हुए थाना अदलहाट पुलिस एवं मॉनीटरिंग/पैरवी सेल को निर्देशित करते हुए गुणवत्तापूर्ण तथा सशक्त एवं प्रभावी पैरवी कराया गया । अभियोजन अधिकारी-एडीजीसी सच्चिदानन्द तिवारी, विवेचक-निरीक्षक अभय कुमार सिंह व उपनिरीक्षक संजय सिंह, कोर्ट मुहर्रिर-मुख्य आरक्षी हवलदार यादव व आरक्षी वेदप्रकाश यादव तथा पैरोकार-मुख्य आरक्षी प्रदीप सिंह द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
जिसके फलस्वरूप आज दिनांकः31.08.2026 को न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नं0 01, मीरजापुर-संतोष कुमार गौतम द्वारा दोषसिद्ध अभियुक्त संदीप कुमार सिंह उर्फ मड़ई पुत्र स्व0रामनरेश सिंह निवासी दर्रा थाना अदलहाट जनपद मीरजापुर को अन्तर्गत धारा 302, 201 भादवि में आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹ 55,000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में 06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।





