0 झांकियों, शोभायात्राओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुरक्षा के साथ अश्लीलता पर रोक, निर्बाध विद्युत, सफाई व प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
मीरजापुर। विभिन्न मंदिरो, घरों में झॉकिया आदि सजायी जाती है तथा मेलों का भी आयोजन किया जाता है। झॉकियों के दर्शनार्थ देर रात्रि तक पुरुषों/महिलाओं का आवागमन रहता है। मंदिरों तथा उनके मार्गों में महिलाओं से अभद्रता होने के फलस्वरूप विवाद को आशंका बनी रहती है। जनपद में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जारी अपने का आदेश के तहत संवेदनशील स्थलों विशेष रूप से पूजा स्थलों पर विशेष सतर्कता रखा जाना आवश्यक दिशा निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर शान्ति व्यवस्था साम्प्रदायिक सौहार्द के दृष्टिगत इन स्थलों पर विवादित स्थलों पर झॉकिया सजाये जाने पर, शोभा यात्रा/जुलूस के मार्ग आदि को लेकर, परम्परा से हट कर कार्यक्रम आयोजित किये जाने पर, पूजा-अर्चना के दौरान गैर परम्परागत रूप से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर, दूसरे सम्प्रदाय के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना के दौरान उनके निकट से शोभायात्राओं/जुलूसों के गुजरते समय ध्वनि विस्तारक यन्त्रों के प्रयोग आदि को लेकर, शोभायात्राओं/जुलूसों/कार्यक्रमों के समय आपत्तिजनक टीका-टिप्पणी / नारेबाजी आदि को लेकर, शरारती तत्वों द्वारा अफवाहें फैलाने पर, सांस्कृतिक कार्यक्रम/शोभायात्राओं के दौरान अपराध व अभद्र व्यवहार को लेकर, लड़कियों/महिलाओं के साथ छेड़-छाड़ आदि को लेकर, विद्युत आपूर्ति बाधित होने शोभायात्रा के मार्ग में जलभराव आदि को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने समस्त मजिस्ट्रेटो को निर्देशित करते हुए कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन, विन्ध्याचल, अष्टभुजा मन्दिर, बरियाघाट त्रिमुहानी तथा कस्बा चुनार, नरायनपुर, कछवाँ अहरौरा, मधूपुर, मड़िहान, लालगंज व हलिया आदि में झॉकियाँ सजाई जाती है। इस पर्व के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा महिलाओं से छेड़-छाड़ गिरह कटी व चेनस्नेचिंग आदि की सम्भावना रहती है। यह जनपद नक्सली गतिविधियों से प्रभावित है। उक्त स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन में यह विशेष रूप से ध्यान रखा जाय। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का अश्लील प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।
ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय संस्कृति एवं परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए आयोजित किये जाने चाहिये। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जो भी कलाकार प्रदर्शन करें उसकी वेश भूषा ऐसी होनी चाहिये जिससे अश्लीलता कदापि प्रदर्शित न होने पाये। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से जनपद में समस्त संबंधित थानों/पुलिस लाइन कारागार एवं अन्य स्थानों पर जहाँ झॉकियाँ सजाई जाती है और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते है।
वहाँ उक्त तीनों विन्दुओं पर विशेष ध्यान दिया जाना अपेक्षित की है तथा जनपद की कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी प्रभावी कार्यवाही तत्काल सुनिश्चित की जाय ताकि पर्व पर शान्ति व्यवस्था किसी भी दशा में बाधित न हो सके। जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, नगर क्षेत्र में तथा समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट अपने-अपने उप खण्डों में कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु उत्तरदायी होंगे जो अपने-अपने उप खण्डों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगें तथा संवेदनशील विवादित स्थलों पर सतर्क दृष्टि रखेंगे। उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड प्रथम द्वितीय/चुनार सम्पूर्ण जनपद में त्योहार के पर्व पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, ताकि जन मानस में किसी प्रकार की असंतोष की भावना उत्पन्न न होने पाये।
अघोषित विद्युत कटौती किसी भी दशा में न होने पाए। अधिशासी अधिकारी नगर पलिका परिषद मीरजापुर, चुनार, अहरौरा व नगर पंचायत कछवां अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति व प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे, एवं जिला पंचायत राज अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, जलापूर्ति व प्रकाश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।





