मीरजापुर मे 49 गौ-आश्रय स्थल क्रियाशील, 14,575 गोवंश का हो रहा संरक्षण एवं पालन-पोषण
0 निराश्रित/बेसहारा गौवंश सहभागिता योजना न केवल संरक्षण में सहायक है कि बल्कि गौ पालको की आय वृद्धि में निभा रही है महत्वपूर्ण भूमिका: उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग
0 निराश्रित एवं असहाय गौवंश संरक्षण, संवर्धन व समुचित देखभाल के लिए संचालित बहुआयामी योजनाओं का का प्रदेश भर में सकारात्मक परिणाम
मीरजापुर। राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्र्रमण के दौरान जनपद के विभिन्न गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षणोपरान्त के पश्चात भ्रमण के दूसरे दिन आज अष्टभुजा निरीक्षण गृह में प्रेस प्रतिनिधियो से वार्ता कर गो आश्रय स्थलों की स्थिति सुधारात्मक कार्य योजना व योजनाओ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रेसवार्ता ने उन्होंने कहा कि भारत माता से प्रेम करने वाले लोगों को लंबे समय से प्रयास था कि इस धरती पर गोवध बंद होना चाहिए। इसी क्रम में वर्ष 2013 में हमारी सरकार ने एक मुहिम चलाई थी और वर्ष 2017 में जगह-जगह पर सुझाव पट्टिकाएं लगाई गई थी और देश प्रदेश के लोगों से उनके सुझाव मांगे गए थे लोगों के द्वारा अलग-अलग अपना मत दिया गया, किंतु बहुत बड़ी संख्या में लोगों ने मांग किया कि आने वाली सरकार गोवध पर प्रतिबंध लगाए।
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए देश में कार्य हो क्योंकि सुख और समृद्धि का रास्ता पशुपालन और गोपालन के माध्यम से ही खुलता है जब प्रदेश की जनता ने हमारी सरकार को आशीर्वाद प्रदान किया और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना नेतृत्व करने का अवसर प्रदान किया तो उन्होंने किसानो की आय को दुगना करने के लिए पूर्व के कर्ज को माफ किया और प्रदेश की जनता ने सबसे बड़ी मांग किया था कि उत्तर प्रदेश में गाय माता की रक्षा हो और उनका वध बंद होना चाहिए, ऐसे में उन्होंने सभी स्लाटर हाउस को बंद करवाया और शत प्रतिशत उत्तर प्रदेश में गोवध को बंद कराया। सनातन संस्कृति में गौ सेवक, भारत की आत्मा किसानों के बाद गौ पालन करते हुए भारतीय संस्कृति को समृद्धि बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने अधिनियम धारा 1955 (5ख) में संशोधन करते हुए उत्तर प्रदेश में गाय के साथ संवेदनहीनता, क्रूरता ना हो सके ऐसे में उन्होंने उत्तर प्रदेश की महान जनता से निवेदन किया कि गौ माता के संवर्धन में उनकी सुरक्षा में समाज आगे आए।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो निवेदन किया था उसमें बहुत से लोगों ने अपना योगदान भी दिया किंतु जो सरकार की मंशा है की गौ माता के सम्मान में सरकार ने निर्णय लिया है उसमें समाज के प्रत्येक वर्ग किसी निर्णय के साथ ईमानदारी के साथ नहीं खड़े होंगे तो कोई भी सरकार हो किंतु परिणाम तब तक नहीं आता है जब तक समाज का हर व्यक्ति अपना सहयोग प्रदान नहीं करेगा अतएव आप सभी को भी आगे आने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के यशस्वी एवं लोकप्रिय माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी के दूरदर्शी एवं कुशल नेतृत्व में उ०प्र० सरकार श्गौ सेवाश् को केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय, सामाजिक एवं आध्यात्मिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करते हुए सतत् कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं समुचित देखभाल के लिए व्यापक एवं बहु आयामी योजनाएं संचालित की जा रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है।
उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहा निराश्रित गोवंश के भरण पोषण के लिए सरकार द्वारा 50 की दर से भरण पोषण की धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी गौ संरक्षण नीति के अन्तर्गत वर्तमान में राज्य के विभिन्न जनपदों में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल सक्रिय रूप से संचालित हो रहे है। इन आश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आवास, नियमित आहार, स्वच्छ पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था न केवल गोवंश के संरक्षण को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक संतुलन को भी सुदृढ़ कर रही है। गौशालाओं के प्रभावी संचालन एवं परदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 5,446 गौशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गये हैं। अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली 24ग×7 कार्यरत रहकर गोवंश की सुरक्षा, देखभाल की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक जवाबदेही को सुनिश्चित कर रही है। मा० मुख्यमंत्री जी निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजनाश् के माध्यम से सरकार ने गौ-संरक्षण को जन आंदोलन का रूप प्रदान किया है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक 1,67,066 गोवंश इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किए गये हैं। सरकार द्वारा प्रत्येक गोवंश के लिए 50रू0 प्रतिदिन की दर से पोषण भत्ता सीधे गोपालको के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रेषित किया जा रहा है। यह पहल न केवल गोवंश के संरक्षण में सहायक है, बल्कि गोपालकों की आय वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जनपद मीरजापुर में जिला प्रशासन द्वारा गौ संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में 49 गौ-आश्रय स्थल क्रियाशील है, जिनमें 14,575 गोवंश का संरक्षण एवं पालन-पोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 518 प्रगतिशील गोपालकों ने सहभागिता योजना के अन्तर्गत 1645 गोवंश को अपनाकर सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उत्तर प्रदेश सरकार उ०प्र० गोवध निवारण अधिनियम 1955 के अन्तर्गत गोवंश के सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। जीरो टॉलरेंस नीतिः गोवंश संरक्षण से सम्बन्धित नियमों के उल्लंघन पर त्वरित एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कि जा रही है। कुछ आसामाजिक एवं निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे भानक प्रचार का खण्डन करते हुए उपाध्यक्ष गोसेवा आयोग श्री महेश शुक्ल जी के द्वारा बताया गया कि गोसेवा के पदाधिकारियों के द्वारा गोआश्रय स्थलों का नियमित भ्रमण करतें हुये निरन्तर पैनी निगाह रखी जा रही है और कोई भी अनियमितता प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। इस समय कतिपय वेशधारी छदमधर्म प्रचारकों के द्वारा भ्रामक सूचनायें फैलाकर जनमानस को भ्रमित करने का जुतसित प्रयास किया जा रहा है। मा० मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि निराश्रित की सेवा एवं संरक्षण के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य सरकार गौ वंश के प्रति अपनी संवेदनशील मानवीय एवं समर्पित दृष्टि के साथ सुशासन के सिद्धांतो को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डी0आर0डी0ए0 धरमजीत सिंह, जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ भूपेन्द्र पाठक उपस्थित रहें।


