चुनार, मिर्जापुर। एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड हॉस्पिटल चुनार के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह की संरक्षता में संहिता सिद्धांत एवं संस्कृत विभाग के संकाय सदस्यों ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NCISM) आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया। यह कार्यशाला 21 जुलाई, 2026 को राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय,श पटना में आयोजित की गई।
कार्यशाला में “SAMSADHANI – Teaching Learning Platform” तथा “Ashtanga Hridaya e-Reader (First Fifteen Chapters)” के प्रभावी उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह डिजिटल शिक्षण सामग्री हैदराबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत अध्ययन विभाग द्वारा विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद के शास्त्रीय ग्रंथों के अध्यापन एवं उनकी वैज्ञानिक व्याख्या को अधिक प्रभावी, सरल एवं आधुनिक बनाना है।
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में एपेक्स के संहिता सिद्धांत एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. ज्ञानेश एवं आचार्य नीलकमल मिश्रा ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आयुर्वेद संहिताओं के अध्यापन में नवीन शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल तकनीकों तथा नवाचार आधारित शिक्षण संसाधनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NCISM) की ओर से सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर एपेक्स के डीन प्रो. डॉ. सुनील मिस्त्री एवं प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. पी. के. सिंह ने प्रतिभागी संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक कौशल को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल शिक्षण संसाधनों के समावेश से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं तकनीक-सम्मत आयुर्वेद शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी तथा संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।





