राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की शिक्षक कार्यशाला मे विशेषज्ञों ने बताई प्रोजेक्ट बनाने की विधि
मीरजापुर।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी गतिविधि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के प्रथम चरण मार्गदर्शक शिक्षक कार्यशाला मे जनपद के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 62 विज्ञान अध्यापको ने प्रतिभागिता की। उदघाटन राजकीय इंटर कॉलेज मिर्ज़ापुर के उप प्रधानाचार्य जय सिंह, प्रोफेसर डॉक्टर सूबेदार यादव राजकीय महाविद्यालय उमरिया मझवा ने दीप प्रजवलित करके किया।
उपप्रधानाचार्य जय सिंह ने कहा कि आप सभी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉग्रेस के कार्यक्रम मे अवश्य प्रतिभाग कराये। ये गतिविधि बच्चो मे वैज्ञानिक सोच पैदा करने के साथ, विज्ञान आओ करके सीखे जैसे गतिविधि की भावना आएगी।
जिला समन्यवयक सुशील कुमार पाण्डेय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के उदेश्य के बारे मे जानकारी देते हुए मुख्य विषय के पांच उप विषयो मे से किसी एक विषय पर प्रोजेक्ट का शीर्षक के चयन के बारे मे बताया कि प्रोजेक्ट स्थानीय स्तर की समस्या पर होना चाहिए। सभी प्रतिभागी अध्यापक अपने विद्यालयों के अधिक से अधिक बच्चो का पंजीकरण कराये। इस वर्ष जनपद के सभी विद्यालयों के 1000 पंजीकरण कराने अनिवार्य हैँ।
विशेषज्ञ डॉक्टर सूबेदार यादव ने स्थानीय समस्या का चुनाव, मार्गदर्शक का चुनाव, लॉग बुक लिखने की विधि, आंकड़े एकत्रित करने की विधि पर विषयवार जानकारी दी। विशेषज्ञ एवं अकादमिक समन्यवयक डॉक्टर जय पी राय ने पांचो उप विषयो पर स्थानीय समस्या जैसे जल एवं पर्यावरण पर विंध्याचल क्षेत्र मे गंगा तट पर पूजा सामग्री एवं प्लास्टिक कचरे की स्थिति एवं पर्यावरणीय अध्ययन, क़ृषि मे सब्जी उत्पादक क्षेत्रो मे कीट नाशक उपयोग की स्थिति और किसानों की सुरक्षा जागरूकता, प्राथमिक विद्यालयों मे मध्यहन्न भोजन की विविधता और विद्यार्थियों की पोषण स्थिति पर अध्ययन जैसे प्रोजेक्ट पर जानकारी दी।
वैज्ञानिक पद्धति के चरण समस्या की पहचान, उदेश्य, परिकल्पना, कार्य पद्ध ति,डाटा संग्रह और विश्लेषण, परिणाम, निष्कर्ष एवं सुझाव पर प्रोजेक्ट लिखने के बारे मे जानकारी दी। लघु शोध पत्र प्रस्तुति, चार्ट बनाने की पद्धति को समझाया। गाइड टीचर निधि सिंह कम्पोजिट विद्यालय देवरी ने बाल विज्ञान कांग्रेस मे अध्यापको की भूमिका के बारे मे बताया।
कार्यक्रम के समापन मे सभी प्रतिभागी अध्यापको को प्रमाण पत्र दिया गया। संचालन संजय श्रीवास्तव विंध्याचल ने किया। कार्यक्रम मे बृजेश यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, पुष्पराज सिंह, विजय कुमार श्रीवास्तव, बृजेश कुमार शुक्ला, राज दुबे, हिमांशु मौर्या ने महत्व पूर्ण सहयोग किया।





