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नेपाल बाढ़ में देवदूत बने हेड मास्टर, एक फोन कॉल पर बचा ली 1643 बच्चों की जान

नेपाल।

नेपाल में आई प्रलयंकारी बाढ़ के बीच एक हेडमास्टर की जांबाजी और सूझबूझ ने 1643 बच्चों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया! नुवाकोट जिले की त्रिशूली घाटी में बुधवार सुबह आए भीषण सैलाब के बीच त्रिभुवन माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेंद्र दवाडी देवदूत साबित हुए।

सुबह की प्रार्थना से ठीक पहले बेत्रावती से आए एक दोस्त के चेतावनी भरे फोन कॉल पर हेडमास्टर ने बिना एक पल गंवाए आपातकालीन घंटी बजा दी। उन्होंने स्कूल और हॉस्टल में मौजूद करीब 900 बच्चों व स्टाफ को पीछे की ऊंची पहाड़ियों पर भेज दिया, जबकि रास्ते में आ रहे 700 से ज्यादा बच्चों की गाड़ियों को सुरक्षित रुकवा दिया। बच्चों के निकलते ही तेज बहाव ने पुल और स्कूल की तीन मंजिला इमारत को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।

हेडमास्टर, स्टाफ और 40-50 बच्चे बिना बिजली, भोजन और नेटवर्क के तीन दिनों तक पहाड़ी पर फंसे रहे, जिन्हें शुक्रवार 28 अगस्त को नेपाली सेना ने हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया। प्रधानाध्यापक राजेंद्र दवाडी और शिक्षक प्रदीप पंडित के इस त्वरित फैसले की आज पूरे नेपाल में सराहना हो रही है। तभी तो कहा जाता है कि गुरु गुरु ही होता है, पूरी दुनिया इस हेडमास्टर की तारीफ कर रहा है। जय गुरुदेव।

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