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प्रेस विज्ञप्ति:- 24 सितंबर 2026, ब्रह्माकुमारीज

“सकारात्मक बने रहें, चाहे कुछ भी हो!” — डॉ. सुनीता दीदी ने विद्यार्थियों को सिखाई जीवन में शांति, सकारात्मकता और सफलता की कला

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के उपलक्ष्य में मीरजापुर एवं भदोही के तीन शिक्षण संस्थानों में तीन दिवसीय प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन

मीरजापुर/भदोही, 24 सितंबर 2026।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, आत्मबल, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागृति एवं जीवन की चुनौतियों का शांतिपूर्ण ढंग से सामना करने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से 22 से 24 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रृंखला का आयोजन मीरजापुर एवं भदोही के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में किया गया।

इन कार्यक्रमों में ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय, माउंट आबू की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका, अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता एवं आध्यात्मिक प्रशिक्षक राजयोगिनी बी.के. डॉ. सुनीता दीदी जी ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को “सकारात्मक बने रहें, चाहे कुछ भी हो!” विषय पर प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली परिस्थितियों, असफलताओं, तनाव, चुनौतियों एवं नकारात्मक विचारों के बीच भी स्वयं को सकारात्मक बनाए रखने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के व्यावहारिक सूत्र बताए।

तीन दिनों के कार्यक्रमों में हजारों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने राजयोग, सकारात्मक चिंतन, आत्म-जागरूकता और जीवन-मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए। विद्यार्थियों ने कहा कि कार्यक्रम से उन्हें यह सीख मिली कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, यदि हमारी सोच सकारात्मक है तो हम कठिनाइयों का सामना करते हुए भी आगे बढ़ सकते हैं और सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ. सुनीता दीदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा हमारे अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन हमारी प्रतिक्रिया और हमारी सोच हमारे हाथ में होती है। सकारात्मक सोच हमें कठिन परिस्थितियों में भी समाधान खोजने, आत्मविश्वास बनाए रखने और निरंतर आगे बढ़ने की शक्ति देती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं की पहचान, आत्म-सम्मान, अनुशासन, सकारात्मक विचार एवं राजयोग ध्यान के माध्यम से मन को शक्तिशाली बनाने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने विशेष रूप से समझाया कि नकारात्मक विचार हमारे भीतर की शक्ति को कम करते हैं, जबकि सकारात्मक विचार हमें नई ऊर्जा और समाधान की दिशा देते हैं। राजयोग ध्यान एवं आत्मचिंतन के माध्यम से मन को शांत और शक्तिशाली बनाया जा सकता है।

तीनों संस्थानों में माँ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ तथा विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। डॉ. सुनीता दीदी जी एवं बी.के. बिंदु दीदी जी का संस्थान परिवार द्वारा स्वागत एवं सम्मान किया गया।
तीन स्थानों पर हुए कार्यक्रम
22 सितंबर — के.बी.पी.जी. कॉलेज, मीरजापुर: प्राचार्य डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी जी,सहप्राचार्य प्रो. भवभूति मिश्र, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. मकरंद जायसवाल, प्रो. अर्चना पांडेय, प्रो. नम्रता मिश्रा, डॉ. किरण प्रकाश, डॉ. स्नेहलता पटेल, डॉ. राजेश कुमार पार्थ, गीता विश्वकर्मा सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन डॉ. किरण प्रकाश ने किया।
23 सितंबर — राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जगन्नाथपुर, भदोही:
प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता यादव, श्रीमती कल्पना मौर्य, श्रीमती अमिता श्रीवास्तव, श्रीमती खुशबू सिंह, श्रीमती विनिता देवी, श्रीमती संजू कुमारी सहित समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं, और यहां पर वृक्षारोपण भी किया गया।
24 सितंबर — स्वामी गोविंदाश्रम पी.जी. कॉलेज, पैड़ापुर:
प्रबंधक डॉ रविंद्र कुमार द्विवेदी जी, डॉ स्नेहलता जी, प्राचार्य डॉ. कमलेश मिश्रा, बी.के. बिंदु बहन, ममता पांडेय, डॉ. शशि भूषण तिवारी, मनोज जायसवाल, सत्यम चौबे, रविशंकर, रुचि पांडेय, चन्द्र मणि पांडेय, डॉ. उमा मिश्रा सहित छात्राएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन ऋतुराज श्रीवास्तव ने किया।

तीनों शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने डॉ. सुनीता दीदी जी के साथ संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें पहली बार यह समझने का अवसर मिला कि सफल जीवन के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, मानसिक शांति, आत्मविश्वास, अनुशासन और परिस्थितियों का सामना करने की कला भी आवश्यक है।

तीनों स्थानों पर कार्यक्रम को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की ओर से उत्साहपूर्ण सहभागिता प्राप्त हुई और कार्यक्रम के अंत में सभी ने सकारात्मक जीवनशैली एवं श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

डॉ. सुनीता दीदी का संक्षिप्त परिचय

राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. सुनीता दीदी ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका, अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता, आध्यात्मिक प्रशिक्षक एवं मैनेजमेंट कंसल्टेंट हैं। वर्ष 1978 से राजयोग साधना तथा वर्ष 1990 से समर्पित रूप से आध्यात्मिक सेवा कर रही हैं।

वर्तमान में वे ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन, माउंट आबू से वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं तथा ShivShakti Leadership Approach (SSLA) के भारत-नेपाल क्षेत्र की फोकल पॉइंट टीम की सक्रिय सदस्य हैं।

डॉ. सुनीता दीदी ने भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर, मॉरीशस, दुबई, वियतनाम, नेपाल सहित अनेक देशों में शिक्षा, चिकित्सा, कॉरपोरेट, मीडिया, महिला सशक्तिकरण एवं युवा विकास के क्षेत्र में प्रेरणादायी सेवाएं दी हैं।

मनोविज्ञान में स्नातक, एम.एससी. ई-बिजनेस, अमेरिका से एम.बी.ए. तथा “Spirituality for Self-Empowering Leaders” विषय पर पीएच.डी. प्राप्त डॉ. सुनीता दीदी विज्ञान, मनोविज्ञान, प्रबंधन एवं आध्यात्मिकता के समन्वय के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं एवं समाज को प्रेरित करती हैं।

वे लोकप्रिय पुस्तक “Key to Unlock Exam Stress” की लेखिका तथा “नारीत्व दर्शन” टीवी डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला की निर्माता-निर्देशिका भी हैं। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों एवं सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है

ब्रह्माकुमारीज़ का संदेश

इन तीन दिनों के कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं समाज तक यही संदेश पहुंचाया गया कि—

“परिस्थितियां कैसी भी हों, हमारी सकारात्मक सोच हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
मन को शांत रखें, स्वयं पर विश्वास रखें, हर चुनौती से सीखें और निरंतर आगे बढ़ते रहें।”

ब्रह्माकुमारीज़ मीरजापुर सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी बी.के. बिंदु दीदी जी ने कहा कि विद्यार्थियों एवं युवाओं में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागृति का विकास समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे अनुभवात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम भविष्य में भी विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाते रहेंगे।

ॐ शांति।

बीके बिन्दु दीदी जी,
ब्रह्माकुमारीज़, मीरजापुर, सेवाकेंद्र
7007160849

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