जिलाधिकारी ने कर एवं करेत्तर/स्टाफ मीटिंग/सीएम डैशबोर्ड राजस्व की समीक्षा बैठक कर की समीक्षा
जनपद को 37 मदों/योजनाओं में ए श्रेणी प्राप्त, बी0 व सी0 को जिलाधिकारी ने अगले माह प्रगति सुधार लाने का दिया निर्देश
मीरजापुर। डीएम पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर एवं करेत्तर/स्टाफ मीटिंग/सीएम डैशबोर्ड राजस्व की समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में जनपद को 37 मदों/योजनाओं में ए श्रेणी प्राप्त हुआ है। जिलाधिकारी ने बी0 व सी0 वाले को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रगति में सुधार लाते हुए अगले माह ए श्रेणी लाना सुनिश्चित करें। जिन मदों/योजनाओं में ए श्रेणी प्राप्त हुई है उनमें डिजिशक्ति, राइट आफ वे, उत्पन्न राजस्व बनाम लक्ष्य, लो रिस्क भवनों के मानचित्रों की स्वीकृति, शमन मानचित्र अनुमोदन, हाई रिस्क भवनों के मानचित्रों की स्वीकृति, पेट्रोल पंपों का सत्यापन मुद्रांकन, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना, मंडी आय, मंडी आवक, औषधि विक्रय लाइसेंस, संकलित नमूना एवं कृत कार्रवाई औषधि, संकलित नमूना एवं कृत कार्रवाई खाद्य, एनएफएसए/ईपीडीएस लाभार्थी, अमृत योजना, पीएम स्वनिधि योजना, ट्रेड सर्टिफिकेट जारी करना, आईएमएस के अनुसार प्रवर्तन कार्यवाही, एलओआई के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, लक्ष्य के सापेक्ष प्रवर्तन कार्यवाही, कृषि भूमि से गैर कृषि, अधिवास प्रमाण पत्र, अभिलेख त्रुटि सुधार, धारा 32, आय प्रमाण पत्र, ई-खसरा खरीफ, एकीकृत आपदा राहत प्रबंधन, एंटी भू-माफिया, जाति प्रमाण पत्र, धारा 89, धारा 98, नाम संशोधन, निर्विवाद उत्तराधिकार, भूलेख, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण, साल्वेंसी सर्टिफिकेट, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष, भूतपूर्व सैनिकों हेतु परिचय हेतु ऑनलाइन सेवाएं में ए श्रेणी प्राप्त हुई है।बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार वसूली की प्रगति जानी और कम वसूली वाले विभागों को कड़ी फटकार लगाते हुए लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकताओं में है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने जीएसटी, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, परिवहन, आबकारी, विद्युत और नगर निकायों की वसूली की समीक्षा की। उन्होंने वाणिज्य कर विभाग को बकायेदारों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने और बड़े बकायेदारों से व्यक्तिगत संपर्क कर वसूली करने को कहा। उन्होंने राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए पाया कि कई तहसीलों में धारा 34, 35, 116 और 24 के वाद लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारी और तहसीलदारों को निर्देश दिया कि तीन साल से अधिक पुराने सभी राजस्व वादों का अभियान चलाकर एक माह में निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि आम जनता को अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। ओवरलोड और अवैध खनन को लेकर जिलाधिकारी ने खनन अधिकारी और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विद्युत और बैंक देयों के बड़े बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी कर कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन अधिकारियों की वसूली निर्धारित माहवार लक्ष्य प्रतिशत से कम होगी, उनका स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू0/रा0 विजेता, उप जिलाधिकारी सदर महेन्द्र सिंह, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी अशोक त्रिपाठी, तहसीलदार मड़िहान आशीष कुमार पाण्डेय, सदर दीक्षा पाण्डेय सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।





