मीरजापुर। माय भारत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के 21 मेधावी स्वयंसेवकों ने एनआईसी मिर्जापुर में प्रधानमंत्री के वीवीवीपी प्रतिभागियों के साथ संवाद कार्यक्रम को देखा। उत्तराखंड की सीमावर्ती वाइब्रेंट विलेज में जाकर जनपद का प्रतिनिधित्व करने वाली सुश्री अंजलि गौतम भी मौजूद रहीं।
जिलाधिकारी पवन गंगवार ने माय भारत पोर्टल पर सर्वाधिक युवाओं का पंजीकरण कराने वाले ओम नाथ तथा दूसरे स्थान पर रहे रंगीले को सम्मानित किया।
मिर्जापुर जनपद के माय भारत के 21 मेधावी स्वयंसेवकों ने आज एनआईसी (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर), मिर्जापुर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के प्रतिभागियों के साथ किए गए वर्चुअल संवाद कार्यक्रम को देखा। इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों में सुश्री अंजलि गौतम भी शामिल रहीं, जिन्होंने वीवीवीपी 2026 के अंतर्गत उत्तराखंड की एक सीमावर्ती वाइब्रेंट विलेज का भ्रमण कर मिर्जापुर जनपद का एकमात्र प्रतिनिधित्व किया था।
उन्होंने उपस्थित स्वयंसेवकों के साथ भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, सांस्कृतिक विरासत तथा विकासात्मक आकांक्षाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
माय भारत के माध्यम से क्रियान्वित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, प्रधानमंत्री की उस परिकल्पना को साकार करने हेतु तैयार किया गया है जिसमें देश के सीमावर्ती गांवों को राष्ट्र का प्रथम गांव मानते हुए उन्हें विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय सहभागी बनाया जाए। यह कार्यक्रम दो चरणों में 4 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें देशभर के युवाओं को लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की 74 वाइब्रेंट सीमावर्ती गांवों से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी पवन गंगवार ने जनपद के उत्कृष्ट माय भारत स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। माय भारत पोर्टल पर सर्वाधिक युवाओं का पंजीकरण कराने के लिए श्री ओम नाथ को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरे स्थान पर सर्वाधिक पंजीकरण कराने के लिए श्री रंगीले को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने दोनों स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य स्वयंसेवकों से भी राष्ट्र निर्माण की इस पहल में युवाओं को अधिकाधिक जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में माय भारत स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा देश के सीमावर्ती गांवों के रणनीतिक एवं सांस्कृतिक महत्व से युवाओं को जोड़ने वाले इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनने पर गर्व व्यक्त किया।





