मीरजापुर।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में जिला पंचायत भवन के सभागार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन समिति की बैठक आहूत की गया। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने सर्वप्रथम एकीकृत बागवानी विकास मिशन वर्ष 2025-26 में कराये गये कार्यों के विषय में जानकारी दी तत्पश्चात् वर्ष 2026-27 में प्राप्त लक्ष्यों के सम्बन्ध में चर्चा करते हुये बताया कि विभाग द्वारा उक्त योजनान्तर्गत पौध रोपण, संकर सब्जी की खेती, मसाला की खेती, पुष्प की खेती आदि पर कृषकों को डी0बी0टी0 के माध्यम से 50 प्रतिशत से अनुदानित कर रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि केले की खेती हेतु जनपद में एफ0पी0ओ0 के माध्यम से बड़े पैमाने पर राइपनिंग चैम्बर का निर्माण कराना सुनिश्चित करें। मसाले की खेती में मिर्च के उन प्रजातियों को ज्यादा बढ़ावा दें जिनका व्यापार विदेशों में आसानी से किया जा सके साथ ही साथ हरी मिर्च का पावडर तैयार कराने की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें साथ ही साथ जनपद के प्रसिद्ध मन्दिरों में चढ़ावे के फूलों को जो बर्बाद हो रहे है उनकी प्रोसेसिंग यूनिट तैयार कर धूपबत्ती आदि बनाया जाये जिससे फूलों की बर्बादी न हो तथा आय का स्रोत भी तैयार हो।
जिला उद्यान अधिकारी ने जिलाधिकारी को आवश्वस्त किया कि उक्त हेतु निदेशालय को प्रस्ताव भेजते हुये कार्य कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा साथ ही साथ अवगत कराया कि उक्त कार्यक्रमों के अलावा जैविक खेती, वर्मी युनिट इकाई की स्थापना, एच.डी.पी.ई वर्मी यूनिट, पैक हाउस व मशीनीकरण पर भी कृषकों को अनुदानित किया जाता है, जिस पर जिलाधिकारी ने जैविक खेती के लक्ष्य को कम बताया तथा शासन स्तर पर उक्त लक्ष्य को बढ़ाने तथा बाढ़ग्रस्त 400 गांवों में जैविक खेती को बढ़ावा दिये जाने हेतु निर्देषित किया।
जिला उद्यान अधिकारी ने समिति को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है जिसमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना की तरह ही कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। साथ ही समिति को अवगत कराया गया इस वर्ष से मखाना की खेती का कार्यक्रम भी जनपद हेतु प्रारम्भ किया गया है। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद में उक्त योजना का 50 प्रतिशत हिस्सा समूहांे को उपलब्ध कराया जाय जिससे कि समूह की महिलाओं को भी लाभ प्राप्त हो।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि जनपद में पानी की समस्या बढ़ती जा रही है जिससे कृषकों को खेती करने में काफी समस्या उत्पन्न हो रही है। उक्त योजना के विषय में बताया कि कृषकों को सब्जी आदि के खेती में ड्रिपध्मिनी व पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई काफी कारगर साबित हो रही है। जिसमें कृषकों को ड्रिपध्मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति की स्थापना करने पर सामान्य कृषक को 80 प्रतिशत तथा लघु/सीमान्त कृशक को 90 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है वहीं पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति पर सामान्य कृषक को 65 प्रतिशत तथा लघु/सीमान्त कृषक को 75 प्रतिशत अनुदान प्रदान किये जाने का प्राविधान है।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त योजना को और बड़े पैमाने पर किये जाने की आवश्यकता है। जिला उद्यान अधिकारी ने टास्कफोर्स के गठन हेतु समिति से अनुमति चाही जिससे समिति के सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान की। जिला उद्यान अधिकारी ने टास्कफोर्स के गठन हेतु समिति से अनुमति चाही जिससे समिति के सदस्यों ने स्वीकृति प्रदान की। साथ ही जनपद के तहसील मड़िहान विकास खण्ड पटेहरा कलां के ग्राम देवरी में सेण्टर आफ एक्सीलेंस फार ड्रैगन फ्रूट की स्थापना के सम्बन्ध में अवगत कराया तथा बताया कि आतिथि तक लगभग रू0 5.0 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है तथा निर्माण का कार्य चल रहा है।
समिति के सदस्यों ने उद्यान विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों की सराहना की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विषाल कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम, परियोजना निदेशक डूडा, उप कृषि निदेशक विकेष पटेल, सहायक निदेशक मत्स्य, राम सिंह, जिला कृशि अधिकारी अवधेष यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, मीरजापुर, डी0सी0 एन.आर.एल.एम. के प्रतिनिधि, एल.डी.एम. एवं प्रगतिशील कृषक आदि उपस्थित रहे।





