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विधिक जागरूकता शिविर में प्री-लिटिगेशन स्तर पर विवादों के समाधान पर दिया गया विशेष जोर

जनपद न्यायाधीश द्वारा ग्राम को “लिटिगेशन फ्री ग्राम बनाने का संकल्प

मीरजापुर। दिनांक 17.09.2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में ग्राम ककरद तहसील मड़िहान में लीगल एड क्लीनिक/विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यमों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश श्री अनुपम कुमार के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यर्पण व दीपप्रज्जवल कर किया गया।

कार्यक्रम संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सुरेश कुमार त्रिपाठी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा गया कि न्याय केवल न्यायालय तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि समाज में शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास बनाए रखना भी न्याय की महत्वपूर्ण भावना है। उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि छोटे-छोटे विवादों को समय रहते आपसी संवाद, सुलह, मध्यस्थता एवं अन्य वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यम से निस्तारित करने का प्रयास किया जाए।

इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर आनन्द कुमार- ।। ने विशेष रूप से प्री-लिटिगेशन स्तर पर विवादों के समाधान पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक विवाद को मुकदमे का रूप लेने से पहले ही सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सुलह मध्यस्थता एवं अन्य उपलब्ध वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रियाओं का लाभउठा सकते हैं। इससे समय और धन की बचत होने के साथ-साथ पक्षकारों के बीच संबंध भी बेहतर बनाए रखने में सहायता मिलती है।

उन्होने ने “नालसा’ व “सालसा” की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनओं के बारे में भी बताया, जिसका उद्देश्य यह था कि कोई भी जनमानस न्याय से वंचित न रहे सके। सचिव द्वारा आमजन को यह भी बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह उपलब्ध कराता है। ग्रामीणों को घरेलू विवाद, भूमि एवं संपत्ति संबंधी विवाद, वैवाहिक विवाद, श्रमिकों से संबंधित समस्याओं तथा अन्य विधिक मामलों में समय रहते विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायाधीश द्वारा ग्राम ककरद को ‘लिटिगेशन फ्री ग्राम बनाने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर विवादों की पहचान कर उन्हें प्रारंभिक अवस्था में ही सुलह, संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से समाप्त करने का सामूहिक प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामवासियों, ग्राम प्रधान, स्थानीय प्रशासन, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा संबंधित हितधारकों से इस दिशा में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

शिविर में उपस्थित तहसीलदार मड़िहान, सी०डी०पी०ओ० व ए०डी०ओ० पंचायत द्वारा ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों के विभिन्न विधिक एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा उनकी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। पैरा लीगल वालंटियर्स (अधिकार मित्र) द्वारा भी ग्रामीणों को विधिक सेवाओं तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि विवाद बढ़ने से पहले समाधान की पहल करें मुकदमेबाजी से पहले सुलह मामेवा प्राधिक में आगे बढ़ेन चिक मध्यस्थता को अवसर दें तथा मिल-जुलकर अपने ग्राम को लिटिगेशन फ्री ग्राम बनाने की दिशा में आगे बढ़े।

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