चलायमान प्रयोगशाला पहुंची सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर
0 बच्चों ने बिभिन्न सिद्धांतो एवं प्रयोगो पर आधारित प्रौद्योगिकी के बारे प्राप्त की जानकारी
मीरजापुर।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञो द्वारा की मदद से बनाई गयी चलायमान प्रयोगशाला (विज्ञान बस)सेठ द्वारका प्रसाद बजाज एजुकेशन सेंटर विंध्याचल रोड मीरजापुर मे पहुंची। बस के संचालन मे सहयोगी आई आई टी के विशेषज्ञो का स्वागत विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉक्टर शिवानी कौशिक ने किया।बस के भीतर 15-15 छात्रों के ग्रुप के बच्चों को क्रमवार भीतर भेजा गया।
एक एक ग्रुप 30 मिनट मे बस के भीतर रहकर वर्नियर कलिपर्स की सहायता से व्यास ज्ञात करना, डिजिटल वर्नियर कैली पर्स का प्रयोग, पेचमापी से पतली वस्तुओ के व्यास ज्ञात करना, स्वरित्र द्वी भुज का उपयोग, वोल्टमीटर, अमीटर, गलवानोमीटर की कार्यप्रणाली, थ्री डी प्रिंटर की मदद से बेंजिन रिंग का निर्माण, इथेन, मेथेन की सरचना, विभिन्न प्रकार के खिलौने बनाना, वैज्ञानिक माड़ल बनाना सिखा। रसायन विज्ञान मे जल का पी एच मान ज्ञात करना, अमलीय, क्षारीय की पहचान करना आदि प्रयोग,सूक्ष्म दर्शी की सहायता से एलगी की संरचना, वैक्टिरिया की संरचना का अध्ययन किया।
आई आई टी के एडुकेटर ब्रिकेश कुमार एवं शुभाशीष पाण्डेय ने प्रत्येक उपकरणो की कार्य विधि एवं उपयोग की जानकारी प्रयोग के माध्यम से दी। बच्चों मे विज्ञान बस मे प्रयोगो को करने एवं समझने मे अधिक उत्सुकता रही। बस के बाहर उपस्थित ग्रुप के बच्चे स्क्रीन पर चल रहे प्रयोगो को देखकर समझ रहे थे। विद्यालय के अध्यापको ने भी बस मे बनी प्रयोग शाला को देखा।
जिला समन्यवयक सुशील कुमार पाण्डेय ने बताया कि बस कल दिनांक 7 जुलाई को भी इसी विद्यालय के बच्चों के बिच रही। आज 6 एवं 7 के 285 बच्चों ने विज्ञान बस मे भ्रमण कर प्रयोगो के बारे मे जानकारी प्राप्त की। स्कूल के डायरेक्टर द्वय पारितोष बजाज ने विज्ञान बस के जरिये बच्चो के वैज्ञानिक संकल्पना को क्लियर करने के इस पहल के लिए जिलाधिकारी के प्रति आभार जताया है।


