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डीएम ने उपखनिजों के अवैध खनन/परिवहन, ब्लास्टिंग हेतु सुरक्षा मानकों, वृक्षारोपण के बाबत दिये निर्देश

0 पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के दृष्टिकोण से खनन के उपरान्त भूमि के पुनर्स्थापन, मलबे के निस्तारण एवं वृक्षारोपण की की जाए कार्यवाही -जिलाधिकारी

मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में उप खनिजों के अवैध खनन/परिवहन, खनन क्षेत्रों में ब्लास्टिंग हेतु सुरक्षा मानक एवं खनन के उपरांत वृक्षारोपण किये जाने के संबंध में बैठक आहूत की गई। बैठक अपर जिलाधिकारी वि०/रा०/ प्रभारी अधिकारी खनिज विनोद कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह, उपजिलाधिकारी मड़िहान संतोष कुमार ओझा, उपजिलाधिकारी लालगंज अजीत कुमार, उप निदेशक, खान सुरक्षा निदेशालय, वाराणसी क्षेत्र वाराणसी, खान अधिकारी जितेंद्र कुमार, उपप्रभागीय वनाधिकारी एवं खनन पट्टाधारकों के उपस्थित रहे।

बैठक में मुख्यतः जनपद मीरजापुर में उपखनिजों के अवैध खनन /परिवहन, खनन क्षेत्रों में ब्लास्टिंग हेतु सुरक्षा मानक एवं खनन के उपरान्त वृक्षारोपण किये जाने सम्बन्धी बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया गया कि जनपद में बालू/मोरम/गिट्टी/बोल्डर के अवैध खनन/परिवहन/ओवरलोडिंग पर नियमित रूप से स्थलीय भ्रमण करते हुए, प्रभावी नियंत्रण कर अवैध खननकर्ताओं/अवैध परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध उ०प्र० उपखनिज परिहार नियमावली 2021 एवं खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 में दिये गये प्राविधानों एवं अन्य प्राविधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जाये।

उन्होंने सभी खनन पट्टाधारक अपने स्वीकृत खनन क्षेत्र से उपखनिज का परिवहन ई एम०एम०-11 निर्गत करें तथा सभी भण्डारणकर्ता अपने भण्डारण क्षेत्र से उपखनिज का परिवहन ई फार्म सी सें करने के निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पट्टेदार द्वारा खनन पटटा स्वीकृत क्षेत्र मे विस्फोटक/ब्लास्टिंग का प्रयोग सक्षम विभाग से अनुमति प्राप्त कर प्रबन्धक / फोरमैन / ब्लास्टर की देखरेख में ही करें।

उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में 45 डिग्री एंगल में खनन कार्य सम्पादित करे जिससे कि स्लाइड होने की सम्भावना नगण्य हो तथा खनन पट्टा क्षेत्र में ब्लास्टिंग हेतु प्रयोग किये जा रहे विस्फोटक पदार्थो का उपयोग सुरक्षित तरीकें से किया जाये। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में ब्लास्टिंग एवं विस्फोटक सामग्री का रख रखाव खान सुरक्षा निदेशालय के मानकों एवं शर्तों का पालन करते हुए पट्टाधारक द्वारा किया जाये।

खनन पट्टा क्षेत्रों के किनारें लूज पत्थर एकत्रित न करें। खनन क्षेत्र में मानक के अनुसार बेंच बनाकर खनन कार्य किया जाये तथा क्षेत्र को मानकों के अनुरूप सुरक्षित रखा जाये एवं कर्मचारियों को आवश्यक व्यक्तिगत उपकरण पी०पी०ई किट जैसे हेलमेट, जूते, डस्ट मास्क और सुरक्षा आदि की व्यवस्था की जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिकों को नवीनतम विस्फोट तकनीकों और सुरक्षा प्रक्रियाओं से अवगत रखने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करने हेतु ग्रुप वीटीसी की स्थापना एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के संयोजन से श्रमिकों की स्वास्थ्य जाँच की जाये।

पट्टाधारकों को यह भी निर्देशित किया गया कि स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्र में खनन कार्य करते हुए स्थल पर मौजूद वृक्षों को यथावत् रहने दिया जाये तथा वृक्षों का पतन न किया जाये एवं स्थानीय प्रजाति के 200 फलदार / छायादार वृक्षो का रोपण, सिचाई एवं फेसिंग के साथ अपने निजी श्रोतो से किया जाये। एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल में खनन पट्टों की अनापत्ति के मामलें में प्रति एकड़ 200 वृक्ष लगाना होगा तथा एक एकड़ से अधिक होने पर प्रति एकड़ के हिसाब से अतिरिक्त 200 वृक्ष लगाये जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के दृष्टिकोण से खनन के उपरान्त भूमि के पुनर्स्थापन, मलबे के निस्तारण एवं वृक्षारोपण की कार्यवाही की जाये।

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