मीरजापुर।
मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार, 21 अगस्त की सुबह उस समय बेहद खतरनाक स्थिति बन गई, जब चलती ट्रेन से गिरा करीब 20 वर्षीय यात्री डाउन रेलवे ट्रैक के बीच घायल अवस्था में पड़ा रह गया। संयोग से उसी समय RPF की महिला हेड कांस्टेबल गायत्री पासवान वहां पहुंचीं।
खास बात यह रही कि वह उस समय ड्यूटी पर भी नहीं थीं, बल्कि पीटी परेड के लिए निकलते समय मॉर्निंग वॉक कर रही थीं। ट्रैक पर घायल युवक को देखते ही उन्होंने बिना एक पल गंवाए उसकी ओर दौड़ लगा दी।
बताया गया कि डाउन लाइन पर ट्रेन के गुजरने का सिग्नल ग्रीन हो चुका था। स्थिति ऐसी थी कि सिर्फ चंद सेकंड का समय था। महिला हेड कांस्टेबल ने अपनी जान की परवाह किए बिना घायल यात्री को ट्रैक से खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और कुछ ही क्षण बाद ट्रेन वहां से गुजर गई। गायत्री पासवान के इस साहसिकj कदम से एक अनमोल जिंदगी बच गई।
घायल यात्री की पहचान नितेश पासवान (लगभग 20 वर्ष), निवासी सीतामढ़ी बिहार के रूप में हुई है, जो ट्रेन संख्या 19484 बरौनी–अहमदाबाद एक्सप्रेस से बरौनी से सूरत जा रहा था। बाद में RPF टीम ने एंबुलेंस की सहायता से उसे जिला अस्पताल मिर्जापुर पहुंचाया तथा परिजनों को भी सूचना दी।
महिला हेड कांस्टेबल गायत्री पासवान का यह कार्य केवल ड्यूटी से बढ़कर मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। RPF के ऑपरेशन ‘जीवन रक्षा’ के तहत की गई यह कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय और अनुकरणीय है।





