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संदर्भों की मार्किंग एवं अग्रसारण में लगे औसत दिवस में विंध्याचल मंडल यूपी मे प्रथम

0 माह अगस्त में सबसे कम समय में संदर्भों का किया निस्तारण, मंडलायुक्त ने अधिकारियों को दी बधाई

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश शासन की महत्वपूर्ण जन शिकायत निवारण प्रणाली आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) में मंडल स्तर पर संदर्भों की मार्किंग और अग्रसारण में लगे औसत दिवस के मामले में विंध्याचल मंडल ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। माह अगस्त 2026 की जारी रैंकिंग में विंध्याचल मंडल ने निर्धारित 120 पूर्णांक में से 105 अंक प्राप्त कर 87.50 प्रतिशत प्रगति करते हुए सभी 18 मंडलों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

शासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार विंध्याचल मंडल में आईजीआरएस संदर्भों को मुख्यमंत्री संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ और अन्य उच्च स्तरीय संदर्भों को मंडल स्तर से जनपदों और विभागों को भेजने में विंध्याचल मंडल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल राजेश प्रकाश ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंडल के सभी अधिकारियों और आईजीआरएस सेल में तैनात कर्मचारियों को बधाई दी है।

मंडलायुक्त ने कहा कि यह उपलब्धि टीम वर्क का परिणाम है। मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र के जिलाधिकारियों, सभी विभागों के मंडलीय अधिकारियों और मंडल मुख्यालय पर तैनात समीक्षा अधिकारियों ने समन्वय से काम किया है, तभी यह संभव हो सका है।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जनता की शिकायतों का निस्तारण त्वरित व गुणवत्तापूर्ण हो। शिकायतों को विभागों तक तेजी से पहुंचाना ही निस्तारण का पहला कदम है। विंध्याचल मंडल ने इसमें प्रदेश में मिसाल कायम की है।

मंडलायुक्त ने मंडल के अधिकारियों/ कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा इसी कार्यशैली को आगे भी बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ तेजी ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। कोई भी संदर्भ बिना ठोस निस्तारण के डिफाल्टर न होने पाए और शिकायतकर्ता को संतुष्टिपरक जवाब मिले।

मंडलायुक्त ने कहा कि इस उपलब्धि में मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र तीनों जनपदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तीनों जनपदों ने अपने स्तर से भी संदर्भों को तेजी से निस्तारित किया है।
मंडलीय समीक्षा बैठकों में भी मंडलायुक्त द्वारा लगातार आईजीआरएस की समीक्षा की जाती है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की जाती है। पिछले कुछ महीनों से मंडलायुक्त ने आईजीआरएस को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि कोई भी अधिकारी आईजीआरएस संदर्भों को लंबित न रखे और निस्तारण आख्या में स्पष्ट और संतोषजनक जवाब दिया जाए।

मंडलायुक्त ने सभी अपर आयुक्त, संयुक्त विकास आयुक्त, सभी मंडलीय अधिकारी और आईजीआरएस पटल प्रभारी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि आने वाले महीनों में भी हम प्रदेश में नंबर-1 बने रहें, इसके लिए और अधिक मेहनत से काम करने की आवश्यकता है।

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